
थुंकता हू उनपर
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Category : Poems
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थुंकता हू उनपर षडयंत्रकारी है जिन्होंने बंद करावे स्कूलसमाजसेवक कैसे कहे जानबुझकर कर ली उन्होंने भूल ।।चंद पैसोंकी खातीर ओ बर्बाद करने चले पिढीच्याये लोगों समझो इनके इरादें खोल दो इनकी नाडियाये भ्रष्टाचारी सत्ता में बैठे गिर गये इनके बनाये पूल ।1।इनके हातोंसे कितने मरे मासूम कितनोंको डाला जेलआय टी इ डी का धाक दिखाए करते है झोल मेलगुंडो को पाले ब्यापारीयोंके वास्ते इन्होंने बनाये रूल ।।
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