ऐतिहासिक पथं Read Count : 23

Category : Poems

Sub Category : N/A
लेकर कुछ सपना करने की, 
जिद जो मैंने ठानी है
कर्म क्षेत्र के  भूमि में,
जीत को मैंने माना है॥ 

हार के भी सफर कर रहा हू, 
जीत जो अभी बाकी है
मजबूत इरादों से लड़ रहा हूँ 
सुधीर की जीत अभी बाकी है॥ 

सीडीएस से लेकर आईपीएस तक का सफर, 
अतं में मैंने माना है
वो भी यूपीएससी थी और आज भी यूूूपीएसी है
फिर भी मुझे एकेडमी ही जाना है॥ 


                           - सुधीर कुमार पाठक 

Comments

  • Preserve and deserve for life

    Nov 13, 2022

Log Out?

Are you sure you want to log out?