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Category : Poems

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*प्यार का नुस्खा*

खुश रहो इतने कि गम का ना रहे ठिकाना
खामोशी बोल उठे गाओ ऐसा कोई तराना

वक्त बेवक्त सभी के बनते जाओ मददगार
अपनी जिन्दगी का सफर बना लो सुहाना

घोर अन्धेरा फैला हुआ जीवन की डगर में
दीप बनकर सबकी राहें रोशन करते जाना

गमों के साए में गुजर रही सबकी जिन्दगी
कोई बहाने से तुम लोगों का दिल बहलाना

क्रोध अहंकार से कोई रिश्ता बच ना पाया
सबसे निस्वार्थ प्यार का नुस्खा आजमाना

*ॐ शांति*

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