मन Read Count : 32

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सफऱ ये दुःख का क्यों ख़तम नहीं होता 
ख्वाहिशें मन की कभी पूरी नहीं होती !!
ये सब जानता      है मन      सभी का 
पर ये मन कभी ख़ुद को रोक नहीं पाती !!

Comments

  • Well crafted words in the poem

    Aug 03, 2022

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