
मैंने तुझसे प्यार%
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Category : Stories
Sub Category : Romance
पता नहीं कुछ तुमको भीख्वाब में दिल दे दिया थामैं देखता था तसवीर रोज़तुमको अपना कह दिया थामैंने तुझसे प्यार किया थामैंने तुझको चाहा था।।मैं रोज़ उठकर साएँ सेतेरी गली में गुजरता थाफ़र्द थे यूँ हम मुसाफ़िरइश्क में आह भरता था।मैं ले लिए थे आहट तेरीतेरे दिल में यूँ मचलता थाक्या जानें तू मुझको भीये तो तुझपे मरता था।मैंने तुझसे प्यार किया थामैंने तुझको चाहा था।।नहीं पता तुझे भी अबकितना बेचैन मैं रहता थाग़ैर की सूरत जब देखताउसको मैं पकड़ता था।मैंने तुझसे प्यार किया थामैंने तुझको चाहा था।।मैं कितना था वहशत यूँतेरे प्यार में जुनूँ भरता थापाने की ललक थी मुझमेंकभी हँसता कभी रोता थाथी मुझमें तू समाई हुईंमैं तुझे हर रोज ढूँढता थाख्याल था वो मिलेगी मुझसेमैं चुपके से यूँ शरमाता था।मैंने तुझसे प्यार किया थामैंने तुझको चाहा था।।अब क्या बताए दिल मेरारब से दुआएँ माँगता थाचाहा था रहे पास वो भीतेरी याद में फिसलता थामैंने तुझसे प्यार किया थामैंने तुझको चाहा था।।।
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