
Today Again The Buddha Was Broken
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Category : Poems
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Today again the 'Buddha' was broken.Today again fallen doing occurred.Which Emperor Ashoka's period the heritage was .Again today is smashed by CIDCO.When abroad have come from guest ambassadorThen gives Buddha' statue of the charity ;And expressing our prideIs the Buddha .On the world platform do fake drama ,Tell and show in WAFF .The reality is that them teethSomething to eat and show some of the and is;If not, not do these disgusting acts .The Buddha's ideas to suppression of theOnly their statue can break ; butEqualls not can of developedcountries ;Because he now sails is MANUWAD placed .By it through a 85℅ people slave is kept .आज फिर बुद्ध को तोड़ा गया।आज़ फिर निचताकी परिसिमा हुई ।जो सम्राट अशोक के काल की धरोहर थी ।आज फिर से सिडकोद्वारा तोड़ी गयी।जब विदेश से आते है मेहमान राजदूततब करते है बुद्धमुर्ती का दान ;और जताते है हमारी शानबुद्ध है ।विश्वमंचपर करते झुठा नाटक ,बताने और दिखाने में करते छलावा ।असलियत ये है कि इनके दातखाने के कुछ और है और दिखाने के कुछ और है;वर्ना न करते ये घिनौना काम ।बुद्ध के विचारों का दमन करने के लिएकेवल उनकी मुर्तिया तोड़ सकते है ; परविकसित देशों की बराबरी नही कर सकते;क्योंकि इन्होंने मनुवाद पाल रखा है ।उसके जरिये 85℅ लोगोंको गुलाम रखा है ।
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