समाज में रहते हैं Read Count : 38

Category : Poems

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लड़कियाँ खुल के हँस नहीं सकतीं
लड़के खुल के रो नहीं सकते

दहेज़ न लाने वाली लड़की का
मान नहीं हो सकता
सरकारी नौकरी के बगैर लड़के की
क़दर नहीं हो सकती

मुस्कुराइये,
आप तथाकथित खुले विचारों वाले
समाज में रहते हैं।

- प्रिया दीक्षित @Deeply_says

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