शारदा Read Count : 22

Category : Poems

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अंचरा के छाँव राखा दियवा के जार राखा ,
हियरा में ज्योति दा अपार माई शारदा ।
बुद्धि दा बिचार दा तू सरल सुभाव दा तू ,
प्रेम में अभाव नाही होखे माई शारदा ।
देहियां में जोर दा तू नेहियां में बोर दा तू ,
बहियाँ के छोड़ झकझोर ना तू शारदा ।
अंगुरी के पोर पोर दुःख रोजे थोर थोर ,
कहिया ले रहीं मो उघार माई शारदा ।

✍️ धीरेन्द्र पांचाल

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