ईवीएम एक षड़यंत्र Read Count : 102

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Sub Category : Politics

The EVM of issue is now the majority of people the important has become. EVM nation hitman is or not consider this to be mandatory. Because this theme is the life is related. If the evm in rigging the election no means no. Devices by if developed society your secrets shine of the line evm using your power of there entire want to if it is possible. It is undeniable he can be. 

What evm is necessary? 

We ought to think. No need. Evm without elections can be and result result Club innocent can come. Then some people reports of side why take are? Fear of what is. Are so maybe, some of people together some people power away from Renee or u saying here backward the hand in power and authority do not go on so they set up a want to keep is. The Backward who are in India? It is necessary to inform for the world.It is those who are here the  general people.These people here savarna inferior prints there is.The open category of the 15℅people leaving all the rest backward category have come in.Of these, unto believers, in which since 1956 the Buddhist became. Babasaheb Ambedkar said they ganged up from slavery to be free,for the same reason here savarna couple is.They, 'Ambedkar,' the name of the take from any fear. They spread the wrong thought about Ambedakar and the Lord Buddha.their and of the Buddha about wrong ideologies stretch of nothing but try live. These  other backward classes, which includes a field consisting of a Buddhist people on their Anheier injustice is. Untouchability and the state from the present come in.

 If this theme is important not use it if the choice as important in the process why is this happening? Andre from the earth control may be satellite radio through can send pictures, two moments in the whole world in the message to be sent ,then the EVM hack by-election win in also can be achieved. Some people it utter also don't like. When the choice of the training class are so there are also some special scenes is given and the perfect follow up to threats is given. Tons in Be reports of EVM in be enough news in India is constantly coming.

In India, several states have. With Into, gain inside the many many square is. These are from one another vary and the communal idea of mail into account. In such as a during be dominated or dominate stay bent, are to appear natural. The asymmetry here on Vena Vena reflected in is the same EVM of abuse develop some races can do it,we believe the same should. EVMs how to open have to be closed?

 In India,  Vijay Manner is a person. He say, of the EVM of the United Nations by India, off into may be. He international Can the truth not only is he the EVM off could. They Inside measure dunno says. If here of ruling her off to Biel instance introduced into allow it to happen, then the Second Measure which survives? 

The contrast rate, Rajratna Ambedakar know here the manual a gatherer of backwards do it Nation not be so EVM used to convene want to keep it, through here the majority of people slave to maintain the day tradition turn want to keep, then they also think it isn't wrong. So they set up a solution to the international level want to do. They are trying so triumph as to this thing Why don't you see, it's these thing. EVMs how get too close, it is the important thing. Where human rights comes the question of, Are there human rights International Committee decision into May so that committee mean? International store solution is only possible when the people here are your rights understand and mange. India joined the United Nations and the United Nations deems it of the managers abuses happening is so un can by making the EVM may stop.This issue of this ground make of the issue was. Two on BBC he has quarrelled; but EVMs this ground, the issue of into. Your life is the issue. His authority is the issue. Your generations is the question. Multitudinous people related an important topic. Humanity is the issue of. 

Ban E V M

भारतमें इवीएम का मुद्दा अब बहुसंख्यक लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण बन गया है। इवीएम राष्ट्र हीतमें है या नही इस पर विचार होना अनिवार्य है। क्योंकि यह विषय लोगोंकी जीवन से संबंधित है। यदि इवीएम में हेराफेरी होती है तो चुनाव का कोई मतलब नही है। यंत्रों के द्वारा अगर विकसित समाज अपना राज छिनने की डरसे इवीएम का इस्तेमाल कर अपनी सत्ता की भूक पूरी करना चाहता है तो यह संभव है। इसे नकारा नही जा सकता।
क्या, इवीएम आवश्यक है?
हमें सोचना चाहिए। कोई आवश्यकता नही है। इवीएम के बगैर चुनाव कराए जा सकते है और परिणाम रिजल्ट बखुबी निर्दोष आ सकते है। फिर कुछ लोग ईवीएम का पक्ष क्यों ले रहे है? डर किस बात का है। यहभी तो हो सकता है, की कुछ लोग मिलकर कुछ लोगों को सत्ता से दूर रखनेके लिए या यू कहे यहाँ के पिछड़े लोगोंकी हाथ में सत्ता एवं अधिकार न चले जाए इसलिए वे ईवीएम को रखना चाहते है।भारतमें पिछड़े कौन है? यह समझनाभी दुनियाके लिए आवश्यक है।यह वह लोग है जो यहाँ के सवर्णोंके पैरोतले जीनेवाले लोग।इन लोगोंको यहाँ के सवर्ण हीन दृष्टीसे देखते है।ओपन कैटेगरी के 15℅लोगोंको छोड़कर बाकी सब पिछड़े कैटेगरी में आते है।इनमें से बुद्धको माननेवाले वह लोग है जो 1956 के बाद बौद्ध बन गये। बाबासाहेब आंबेडकर ने इनको सवर्णों की गुलामी से मुक्त किया,इसी कारण यहाँ के सवर्ण बौखलाये हुए है।वह आंबेडकर का नाम लेने से भी ड़रते है। वह भारतमें उनके और बुद्ध के बारेमें गलत विचारधाराएं फैलाने की हरदम कोशिश करते रहते है।  इन पिछड़ोमें other backward classes भी शामिल है जो सवर्णों से मिलकर बुद्ध को माननेवाले लोगों पर, उनके अनुयायीयोंपर अन्याय- अत्याचार करते है। छुआछूत और जातीवाद से पेश आते है। 

 अगर यह विषय महत्त्वपूर्ण नही है तो इसका इस्तेमाल चुनाव जैसी महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया में क्यो हो रहा है?  चांद्रयान धरती से कंट्रोल हो सकता है, सेटेलाईट रेडियो के जरिये तस्वीरें भेज सकता  है, दो पल में पुरे विश्व में संदेश भेजे जा सकते है ,तो ईवीएम हैक करके चुनाव में जीत भी हासिल की जा सकती है। कुछ लोग इसपर बोलना भी पसंद नही करते। जब चुनाव के प्रशिक्षण वर्ग होते है तो वहाँ भी कुछ खास सुचनाएं दी जाती है और उसका परिपूर्ण पालन करनेकेलिए धमकी दी जाती है। चुनाओं में गडबड़ी की खबरें ईवीएम में गडबड़ी होनेकी खबरें भारतमें लगातार आ रही है। भारतमें अनेक जातीयां है। इतनाही नही, जातीयों के अंदर भी अनेक सारे वर्ग है। ये एक दुसरे से भिन्न और सांप्रदायिक विचार से मेल नही खाते। ऐसे में इनका एक दुसरेंपे हावी होना या हावी रहने को आमादा होते दिखाई देना स्वाभाविक है। विषमता यहाँ पर रग रग में दिखाई पड़ती है, ऐसेमें ईवीएम का दुरुपयोग कुछ विकसित जातियाँ कर सकते है,यह हमें मानना ही चाहिए। ईवीएम को कैसे बंद किया जाए?
भारतमें कोई विजय मानकर नामके व्यक्ति है। वे कहते है, की ईवीएम संयुक्त राष्ट्र के द्वारा भारतमें बंद नही की जा सकती। उसको आंतरराष्ट्रीय कानुन को हक़ ही नही है, की वह भारतमें ईवीएम बंद कर सके। वे संसदमे उपाय ढ़ुंढ़नेको कहते है। यदि यहाँ के सत्ताधारी ही उसे बंद करनेका बील संसदमें पेश नही होने देते, तो फिर दुसरा उपाय कौनसा बचता है?
इसके विपरीत राजरत्न आंबेडकर यह जानते है की यहाँ के मनुवादी एक होकर पिछड़ों की हात में यह राष्ट्र न चला जाए इसलिए ईवीएम का इस्तेमाल चुनावोंमें रखना चाहते है, इसके जरिये यहाँ के बहुसंख्यक लोगोंको गुलाम बनाए रखनेकी परंपरा चालू रखना चाहते है तो उनका भी सोचना गलत नही है। इसलिए वे ईवीएम का समाधान आंतरराष्ट्रीय स्तरपर करना चाहते है । वे कोशिश कर रहे है तो विजय मानकर को यह बात क्यों नही भायी, यह ताज़़ज़ुबकी बात है। ईवीएम कैसे भी बंद हो, यह महत्वपूर्ण बात है।  जहाँ मानवाधिकार का सवाल आता है, वहाँ मानवाधिकार आंतरराष्ट्रीय कमिटी निर्णय नही कर सकती तो उस कमिटी का क्या मतलब? आंतरराष्ट्रीय स्तरपे समाधान तभी संभव है जब यहाँ के लोग अपना अधिकार समझे और मांगे। भारत संयुक्त राष्ट्र में शामिल है और  संयुक्त राष्ट्र यह समझे की भारतमें मानवाधिकारोंका हनन हो रहा है तो संयुक्त राष्ट्र कानुन बनाकर ईवीएम बंद कर सकता है। कश्मीर का मुद्दा यह जमीनी मालकियत का मुद्दा था। दो राष्ट्रके बीचका वह झगड़ा है; लेकिन ईवीएम यह जमीन का मुद्दा नही। अपने जीवन का मुद्दा है। अपने अधिकार का मुद्दा है। अपनी आनेवाली पीढ़ियों का प्रश्न है। बहुसंख्यक लोगोंसे संबंधित एक जरुरी विषय है। मानवता का मुद्दा है।
Ban      E V M


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