पहचानो इसे ये चुनिं%E Read Count : 65

Category : Poems

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ये आदमी नही दरिंदा है 
ये देस बिक्रेता अंधा है।
मनुवाद से ग्रसित कलंकित चंदा है
कमिशनखोरी इसका धंधा है।
ये नरभक्षक परिंदा है
इससे लोकतंत्र शर्मिंदा है ।
न्यायतंत्र भी गंदा है
देशभक्तोंके लिए फंदा है।
पहचानो इसे ये चुनिंदा है
ईवीएम से ही ये जिंदा है।
Ban Evm
जय जवान जय किसान।

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