Writing 082 Read Count : 10

Category : Books-Fiction

Sub Category : Romance
तेरी रजा रहे और तू ही तू रहे
बाकी न मैं रहूँ न मेरी आरजू रहे
जब तक कि तन में जान रगों मे लहू रहे 
बस तेरा हो जिक्र या तेरी जुस्तजू रहे

S.K.BRAMAN 

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