अनहोनी - 4 Read Count : 68

Category : Books-Fiction

Sub Category : Horror

द डॉल मैन - 18

सहमी हुई सी जॉनसन की बेटी उस खौफनाक साये के अपनी ओर बुलाने पर और अधिक डर का अनुभव करती है... वह खौफनाक साया एक बार फिर से उसे अपनी ओर आने का इशारा करता है, वह छोटी बच्ची यह देख कर पीछे की ओर हटने लगती है। एक तो डरावनी रात ऊपर से भेड़ियों को रोना माहौल को और अधिक दहशत  भरा बना रहा था और सबसे अधिक दहशत वह खौफनाक साया पैदा कर रहा था जो लगभग हवा में उड़ता हुआ सा प्रतीत हो रहा था क्यूँकि उस छोटी बच्ची को उस साये के अपनी ओर बढ़ते हुए पैर नहीं दिख रहे थे, केवल उसकी पोशाक ज़मीन को छू रही थी... वह बच्ची उसे अपनी ओर बढ़ता देख अपने कदम जल्दी - जल्दी पीछे की ओर बढ़ा रही थी और वह खौफनाक साया भी अपनी रफ्तार उसी हिसाब से रखे हुए था जिस तरह से वह बच्ची पीछे की ओर हट रही थी। डर के कारण उस बच्ची का पसीना रुकने का नाम नहीं ले रहा था और उसके होठों ने जैसे ख़ुद पर ताला मार लिया हो, चाह कर भी उसकी चीख तक नहीं निकल पा रही थी...वह बच्ची बस ख़ुद को बचाने के लिए पीछे की ओर हटती जा रही थी कि तभी अचानक वह दीवार से टकराती है, अब उस लड़की का भय और अधिक बढ़ जाता है... उसके दिल की धड़कन इतनी तेज़ हो गई थी कि मानो दिल सीना चीर कर बाहर निकल आएगा, उसकी तेज़ चलती साँसे भी रहम की भीख मांग रहीं थीं, वह बच्ची इधर-उधर देखती है तो उसे अपने बच निकलने का कोई रास्ता नज़र नहीं आता है... वह खौफनाक साया उसका डर देखकर अपनी जीत का अनुभव करता है और रुक जाता है, वह अपना एक हाथ अपनी पोशाक के अन्दर डालता है और अन्दर से एक खूबसूरत गुड्डा निकालकर उस बच्ची की ओर बढ़ाता है, वह उस बच्ची को ललचाने की कोशिश करता है। वह छोटी बच्ची पहले तो यह देख कर घबरा जाती है लेकिन जब उसकी नज़र उस गुड्डे पर पड़ती है तो उसके मन में भी गुड्डे को लेने की चाह उठती है... वह खौफनाक साया उस बच्ची के मन में जगे लालच को समझ लेता है और एक बार फिर से उसे ललचाने के लिए गुड्डे को हिलाता है जैसे मानो वो उस बच्ची को अपनी ओर बढ़ कर आने का इशारा कर रहा हो। वह बच्ची उस गुड्डे को देख कर जैसे उसकी सुंदरता में खो सी गई हो, वह खुद पर काबू पाती भी तो कैसे वह गुड्डा था ही इतना अद्भुत... वह बच्ची ख़ुद के मन पर काबू न पा सकने के कारण अपने नन्हे कदमों को आगे की ओर बढ़ाती है... वह साया यह देखकर विजेता की तरह एक बार फिर से गुड्डे को हिलाता है ताकि वह बच्ची थोड़ा और उसके नज़दीक आए। अपने मनचले मन के कारण वह बच्ची खौफनाक साये के जाल में फंस चुकी थी, अब बस उसे शिकारी की ओर चंद कदम और बढ़ाने थे...वह खौफनाक साया जब देखता है कि बच्ची उसके नज़दीक पहुंच चुकी है तो एक ही झटके में उसे उठाता है और वह गुड्डा वहीं गिर जाता है, उस साये के ऊपर काले बादलों का बवंडर सा बनता है और वह एक दम से उस बच्ची को अपनी गोद में उठा कर उन्ही बादलों के बीच में से गायब हो जाता है। 

"ठक... ठक... ठक... अरे, मिस्टर क्लार्क गज़ब हो गया...अभी कुछ देर पहले ही जॉनसन की चार साल की बेटी ग़ायब हो गई है, हमारे प्रधान ने आपको तुरन्त बुलाया है... मिस्टर क्लार्क, क्या आप सुन रहे हैं... ठक... ठक... ठक", होटल के कमरे के दरवाजे पर दस्तक देते हुए गाँव का एक नौजवान क्लार्क को आवाज़ भी लगाता है जिसे सुनकर क्लार्क चौंकते हुए दरवाजे को खोलता है, हालांकि वह सफ़र की थकान मिटाने के लिए बिस्तर पर लेटा ही था कि तभी उसे दस्तक देकर नौजवान द्वारा बुलावा भेजा गया। वह अपना ओवरकोट उसी तरह नाइट सूट पर डालकर उस नौजवान के साथ निकल पड़ता है जॉनसन के घर की ओर जहाँ इस खौफनाक वारदात ने अंजाम लिया था। 
" क्या हुआ मिस्टर रिचर्ड... इस वारदात ने कब अंजाम लिया", क्लार्क ने जॉनसन के घर के बाहर खड़े गाँव के प्रधान रिचर्ड को देखते ही पूछा। 
" अभी कुछ देर पहले ही गायब हुई है जॉनसन की चार साल की बेटी... ठीक पहले की ही तरह गायब होने वाली जगह पर गुड्डा मिला था, मैंने किसी भी चीज़ को हाँथ लगाने से सभी को मना कर दिया था... आइए सबसे पहले आप ही चलकर देख लीजिए, सब कुछ वैसे ही मिलेगा जैसा घटना के बाद था, कुछ भी इधर से उधर नहीं हुआ है", रिचर्ड ने क्लार्क के सवालों का जवाब देते हुए उसे अंदर चलने के लिए आमंत्रित किया। क्लार्क उसके साथ ही जॉनसन के घर में प्रवेश करता है जहाँ पहले से ही घर की महिलाएँ रोने धोने में लगी हुई थीं और घर के पुरुष उन्हें संभालने में लगे थे। रिचर्ड ने क्लार्क को घर के मालिक मिस्टर जॉनसन से मिलवाया, क्लार्क ने उनके कंधे पर हाथ रख कर उनका दुख कम करने की कोशिश की, फिर वे तीनों घर के पीछे बने बगीचे की तरफ बढ़े जहाँ से वह छोटी बच्ची गायब हुई थी। 
" ये देखिए मिस्टर क्लार्क ठीक वैसा ही गुड्डा है जैसा मेरे बेटे के ग़ायब होने के बाद मिला था", रिचर्ड ने इशारा करते हुए क्लार्क का ध्यान उस गुड्डे की ओर खींचा। क्लार्क ने एक नज़र उस गुड्डे की ओर देखा फ़िर रिचर्ड की ओर घूम गया। 
" सबसे पहले हमें इस पूरे बगीचे की तलाशी लेनी होगी... हो सकता है वह अपराधी अपना कोई दूसरा सुराग भी छोड़ गया हो इस गुड्डे के अलावा, तो मिस्टर रिचर्ड और मिस्टर जॉनसन क्या आप दोनों लालटेन की रोशनी का इंतजाम करवा सकते हैं, क्यूँकि यहाँ पर रोशनी उतनी पर्याप्त नहीं इस काम के लिए ", क्लार्क कोई भी मौका गँवाना नहीं चाहता था उस मुजरिम तक पहुंचने के लिए इसलिए उसने रिचर्ड और जॉनसन से रोशनी का इंतजाम करने के लिए कहा, इसलिए वे दोनों घर के अंदर चले गए रोशनी का इंतजाम करने और क्लार्क ने नीचे ज़मीन की ओर झुकते हुए उस अनोखे गुड्डे को हाथ में उठा लिया तथा उसे अच्छी तरह से देखने लगा। गाँव के बाहर स्थित थाने से पुलिस को बुलाने में काफ़ी वक़्त लगता इसलिए क्लार्क ने ख़ुद ही उस घटना स्थल की जाँच करने का फैसला किया, ऐसा उसने कई बार पहले भी किया था क्यूँकि क्लार्क लंदन के इज़्ज़त दार घराने से ताल्लुक रखता था जिसकी राजनीति में भी अच्छी पकड़ थी, यही वजह थी कि क्लार्क को लंदन पुलिस ने इतनी इज़्ज़त बख्शी थी कि बिना रोक टोक किसी भी अपराधिक घटना स्थल की खुल कर जाँच कर सके।
क्लार्क उस बगीचे के चारों ओर नज़र घुमाता है जहाँ करीब दस फ़ुट ऊँची दीवार थी और एक दरवाजा था जो अन्दर से बंद था। क्लार्क के मन में उस दरवाजे को देख कर एक बार को ख़्याल आता है कि " हो सकता है वह अपराधी इसी द्वार से अंदर आया हो...लेकिन ये तो अन्दर से बंद है, ये भी हो सकता है कि वह दरवाजा कुछ देर के लिए खुला हो और उस अपराधी को पीछे से घर के अंदर घुस कर छुपने का मौका मिल गया हो", क्लार्क के मन में इस तरह के कई ख़्याल उठने लगते हैं लेकिन उसे क्या मालूम था कि उसका सामना एक ऐसी काली शक्ति के साथ हो रहा था जिसके बारे में उसने न कभी सुना था और न देखा था... क्लार्क को ये भी नहीं पता था कि वह अंधेरी दुनिया के उस चक्रव्यूह को सुलझाने की कोशिश कर रहा है जो उसकी पहुँच से परे है और वह खुद भी उसका शिकार हो सकता है। 
                           To be continued... 
                   ©IVANMAXIMUSEDWIN 
 


द डॉल मैन - 19 

क्लार्क बगीचे में खड़ा हुआ केस के ख्यालों में खोया ही हुआ था कि इतने में रिचर्ड और जॉनसन कुछ आदमियों के साथ प्रकट होते हैं जिनके हाथों में लालटेन थी, क्लार्क पर्याप्त रोशनी में बगीचे का कोना - कोना छान मरता है लेकिन उसे अपहरण कर्ता का कोई भी सुराग़ हाथ नहीं लगता है... यहाँ तक की वह जॉनसन से बगीचे में स्थित दरवाजे के बारे में भी पूछता है लेकिन उसे यही पता चलता है कि बगीचे में स्थित उस दरवाजे को आज पूरे दिन खोला ही नहीं गया था। जॉनसन सारी तहकीकात करने के बाद घटना स्थल पर पाए गए उस गुड्डे को लेकर अपने होटल के कमरे में चला गया और आज हुए उस अपहरण के बारे में सोचने लगा। 
"आखिर कौन इस किस्म के अपहरण को अंजाम दे सकता है बिना एक भी सुराग़ छोड़े...ये केस और भी अधिक उलझता जा रहा है, जितना सोचा था ये उतना आसान नहीं है... मुझे इस केस के हर एक तार को बहुत ही सावधानी पूर्वक जोड़ना पड़ेगा, आज मेरे यहाँ आते ही जैसे उस बच्चा चोर ने जैसे चेतावनी दी हो उस छोटी बच्ची को गायब करके, लेकिन मैं भी इतनी आसानी से हार मानने वाला नहीं हूँ ", जॉनसन ख़ुद से कहता ही है कि तभी उसे ख़्याल आता है कि बाकी दोनों गुड्डों के गर्दन के पीछे से " D "और " O " अक्षर मिले थे, देखते हैं कि इस गुड्डे की गर्दन पर कौन से नाम का अक्षर गुदा हुआ है, वह यह देखने के लिए उस गुड्डे की गर्दन के पीछे से बालों को हटा कर देखता है तो उसे अंग्रेजी का "L" अक्षर गुदा हुआ मिलता है। अब क्लार्क और अधिक गहरी सोच में डूब जाता है, "आखिर वह बच्चा चोर मुझसे क्या कहना चाहता है... क्या वह किसी जगह की ओर इशारा कर रहा है जहाँ वे ग़ायब हुए बच्चे रखे गए हैं या फिर वह किसी विशेष व्यक्ति की ओर इशारा कर रहा है, जो उसे चाहिए उन बच्चों के बदले, DOL इन तीनों अक्षरों को मिलाकर किन किन शहरों के नामों की शुरुआत होती है इसका पता लगाना पड़ेगा...पर अभी काफ़ी रात हो गई है इसलिए सो जाने में ही भलाई है, कल सुबह ही इस केस के बारे में फ़िर से तहकीकात करनी है, अभी सो जाते हैं ", क्लार्क ने खुद से बातें करते हुए कहा और फिर कुछ देर बाद ही सो गया। 

अगले दिन नई सुबह के साथ ही क्लार्क गाँव की सैर पर अकेले ही निकल पड़ता है, वह कुछ देर बाद ही टहलते हुए छोटी पहाड़ी की तरफ़ पहुंच जाता है, जहाँ पर उसकी नज़र ओलिवर की कुटिया पर पड़ती है... वह यह देखकर हैरत में पड़ जाता है कि आखिर ये कुटिया गाँव के बाकि घरों से इतनी दूर नदी के किनारे क्यूँ बनी हुई है, उसके मन में उस कुटिया के मालिक से मिलने की तीव्र इच्छा जगती है, उसे ये लगता है कि हो सकता है कि उसके हाथों केस से जुड़ा कोई अहम सुराग़ ही लग जाए...यह सोच कर क्लार्क उत्साहित हो कर आगे बढ़ता है और उस कुटिया के मुख्य द्वार पर खड़ा हो कर तीन बार दस्तक देता है, "ठक... ठक... ठक", फिर कुछ देर के लिए शांत खड़ा हो जाता है, घर के मालिक के दरवाजा खोलने के इंतजार में, पर जब दरवाजे को खुलने में काफ़ी देर लगी तो क्लार्क ने एक बार दरवाजे को ज़ोर लगाते हुए पीछे धकेलने कि कोशिश की, यह सोचकर कि हो सकता है कि दरवाजा पहले से ही खुला और किसी ने बस भेड़ रखा हो... क्लार्क का अंदाज़ा बिलकुल सही था, दरवाजे को बस भेड़ दिया गया था, वह बंद नहीं था। क्लार्क ने मरहूम ओलिवर की कुटिया में प्रवेश कर लिया था और किसी को अंदर न पाकर उसने पूरे घर की अच्छी तरह से तलाशी ली। तलाशी लेने पर क्लार्क के हाथों कुछ विशेष दस्तावेज लगते हैं जिससे यह पता चलता है कि घर के मालिक का नाम ओलिवर था और वह एक कुँवरा था, उन दस्तावेज़ों से उसके पूरे परिवार का इतिहास मिल जाता है... क्लार्क उन दस्तावेजों को अपने पास ही रख लेता है, ओवर कोट की जेब में, पता नहीं क्यूँ लेकिन उसे ऐसा लगा कि वह उन्हें अपने पास ही रखे इसलिए निश्चिंत होकर वह ऐसा करता है... फिर वह हर एक कमरे की अच्छी तरह से तलाशी लेता है लेकिन उसे ऐसा कुछ भी नहीं मिलता है जो उसकी इस केस में मदद कर पाता इसलिए क्लार्क अब घर से बाहर निकल कर आसपास के क्षेत्रों में तलाशी लेने की सोचता है। वह घर के मुख्य द्वार से बाहर निकल कर आता है कि तभी उसकी नज़र ज़मीन पर लगे खून के धब्बों पे पड़ती है, क्लार्क यह देख कर बिलकुल स्तब्ध हो जाता है...उन धब्बों को देख कर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे किसी ने हत्या कर लाश को खींचा हो, वह उन खून के धब्बों के निशानों का पीछा करता है और कुछ दूरी के बाद उसे इंसानी कंकाल की कुछ हड्डियां मिलती हैं जिन्हें चबाया गया था... उन पर भेड़ियों के दांतों के निशान बने थे जो इस बात की ओर साफ़ इशारा कर रहे थे कि मरहूम ओलिवर की लाश को भेड़ियों के झुण्ड द्वारा चबाया गया था। क्लार्क ने मिले हुए कंकाल के आसपास के इलाके की अच्छी तरह से छानबीन की, उसे उसी मानव कंकाल की हड्डियों के कुछ और भी टुकड़े मिले... क्लार्क ने हड्डियों के टुकड़ों में से कुछ सबूत के तौर पर रख लिये एक रूमाल में और आसपास का इलाका किसी तरह से सुरक्षित कर दिया, फिर वह वापस गाँव की ओर बढ़ने लगा। रास्ते भर क्लार्क के मन में यही सवाल बार बार चलता रहा कि आखिर गाँव वालों ने इस घटना के बारे कोई भी जानकारी क्यूँ नहीं दी... आखिर ऐसा क्या था जो ये पूरा गांव मिलकर छुपा रहा था। क्लार्क गाँव की ओर चलता रहा और उसके साथ ही चल रही थी एक अनजान पहेली, जिसे क्लार्क किसी भी रूप में सुलझाना चाहता था क्यूँकि वह उसके मन में बार बार कई सवाल पैदा कर रही थी और क्लार्क उन सवालों के चक्रव्यूह में उलझ सा गया था। 

" आह! मिस्टर रिचर्ड गुड मॉर्निंग... अच्छा हुआ आप मुझे यहीं मिल गए, मैं आपके घर ही जा रहा था आपसे मुलाकात करने", क्लार्क ने गाँव पहुँचते ही रिचर्ड के घर की ओर रुख किया लेकिन वह उसे रास्ते में ही मिल जाता है। 
"गुड मॉर्निंग, मिस्टर क्लार्क... बताइए मैं आपकी किस तरह से मदद कर सकता हूँ ", गाँव का प्रधान रिचर्ड ने क्लार्क को सुबह की शुभकामना देते हुए उससे पूछा। 
" मैं सुबह की सैर करने निकला था और मैं टहलते हुए छोटी पहाड़ी से होते हुए नदी के किनारे स्थित एक कुटिया तक गया जहां मुझे ज़मीन पर लगे खून के धब्बों के निशान के साथ मानव कंकाल की कुछ हड्डियों के टुकड़े भी मिले... उन हड्डियों पर भेड़ियों द्वारा चबाए जाने के निशान थे, जिससे साफ़ पता चल रहा था कि उस इंसान की पहले हत्या की गई थी और फिर बाद में वह भेड़ियों के झुण्ड का शिकार हुआ था... उन हड्डियों के टुकड़े अब भी मेरे पास हैं ", क्लार्क ने रिचर्ड की ओर देखते हुए कहा तथा अपने ओवर कोट की जेब से अपना रूमाल निकाला जिसमें उन हड्डियों के टुकड़े थे, उन्हें रिचर्ड को दिखाते हुए पूछा " क्या आप इस मामले के बारे में कुछ जानते हैं ", क्लार्क की यह बात सुनते ही रिचर्ड के चेहरे का रंग फीका सा पड़ जाता है, उसके दिल की धड़कन बढ़ जाती है और उसकी साँसें कुछ देर के लिए थम सी जातीं हैं। 
                              To be continued ... 
                       ©IVANMAXIMUSEDWIN 

द डॉल मैन-20 


"अब गाँव वालों का हत्या कांड सबके सामने आ जाएगा... नहीं... नहीं...मैं ऐसा नहीं होने दे सकता हूँ , मुझे कोई दूसरा बहाना बनाकर इस बात को यहीं दबाना होगा", क्लार्क के पूछे गए सवाल का जवाब देने से पहले रिचर्ड अपने मन में इस बात को दबाने का ख़याल लेकर आता है। क्लार्क सोच में पड़े हुए रिचर्ड का फीका चेहरा देखकर समझ जाता है कि दाल में कुछ काला है नहीं तो रिचर्ड को इतना सोचना नहीं पड़ता।
" नहीं... ऐसा कुछ भी यहाँ नहीं हुआ है, हो सकता है कि उस घर का मालिक उन भूखे भेड़ियों का शिकार बन गया हो... दरअसल ये गाँव उसे मनहूस मानता था और इसी वजह से उसका घर यहाँ से दूर नदी के किनारे बना है, वह वहाँ बरसों से रहता आया है, फिर गाँव वालों ने कभी उसके रहने पर ऐतराज़ भी तो नहीं जताया है कभी, " रिचर्ड ने बात को दबाते हुए क्लार्क के सामने पूरे गाँव की सफ़ाई रखी, हालांकि क्लार्क उसके इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ क्यूँकि उसे ज़मीन पर कुछ धारदार हथियारों जैसे कुल्हाड़ी, तलवार इत्यादि के भी निशान मिले थे जो मरने वाले के ऊपर अंधाधुंध चलाए जाने के सबूत थे, फिर भी क्लार्क ने अनजान बनने का नाटक किया।
" हो सकता है कि आप जो भी कह रहे हों वही सच हो... मैं आपकी बात से सहमत हूँ... अच्छा ठीक है मैं चलता हूँ आपसे फ़िर दोपहर को मिलता हूँ अगर आप खाली हों तो," क्लार्क ने रिचर्ड की ओर देखते हुए पूछा और उसे यह दिखाया कि वह उसकी बातों से पूरी तरह से सहमत है। 
" जी हाँ बिलकुल खाली हूँ... दोपहर को खेतों से लौटने के बाद मैं आपके होटल ही पहुँच जाऊँगा, साथ में ही लंच करते हुए बातें भी हो जाएंगी, पैट्रिक के होटल का स्टीक मटन बेहद ही लाजवाब है... बताइए आप क्या कहते हैं", रिचर्ड ने खुद को शक़ के दायरे से बाहर पाकर बातें बनाते हुए क्लार्क से पूछा। 
" जी बिलकुल, मैं आपका होटल के कमरे में ही इंतज़ार करूंगा... साथ ही लंच करेंगे... पर अभी मैं आपसे विदा लेना चाहूंगा, मुझे कुछ ज़रूरी काम निपटाने हैं... अच्छा गुडबाय मिस्टर रिचर्ड दिन में फ़िर मिलेंगे", क्लार्क ने रिचर्ड से विदा लेते हुए कहा। दोनों अपनी अपनी मंज़िल की ओर चल दिए। क्लार्क ने अपने होटल की ओर जाते समय गाँव के दो तीन लोगों से भी पूछताछ की इस विषय के ऊपर लेकिन किसी के भी जवाबों से क्लार्क संतुष्ट नहीं हुआ। क्लार्क को इस तरह से लोगों से पूछताछ करता देख  एडवर्ड ने अपने घर की खिड़की से देख लिया, उसे यूँ पूछताछ करता देख एडवर्ड को शक़ हो गया और उसने इस विषय पर क्लार्क से अकेले में बात करने की ठान ली। 

" ठक... ठक... ठक", क्लार्क के कमरे के दरवाजे पर दस्तक होती है। 
" आ रहा हूँ... बस दो मिनट", क्लार्क ये कहते ही कुछ देर बाद कमरे के दरवाजे को खोल देता है और वहां वह एडवर्ड को खड़ा हुआ पाता है, हालांकि वह रूम सर्विस की उम्मीद कर रहा था लेकिन एडवर्ड ने उसे कुछ देर के लिए चौंका दिया। 
" आइए... आइए... मिस्टर एडवर्ड, कहिए कैसे आना हुआ ", क्लार्क ने एडवर्ड को देखते ही उससे पूछा और उसे अंदर आने का निमंत्रण दिया। 
" मुझे आपसे कुछ ज़रूरी बात करनी है... अगर आप मुझे इजाज़त दें तो मैं आपको कुछ बताना चाहता हूँ, मैं आपका ज़्यादा समय नहीं लूँगा मिस्टर क्लार्क ", एडवर्ड ने क्लार्क से पूछा। 
" क्यूँ नहीं मिस्टर क्लार्क, आप यहाँ आराम से बैठ कर बताइए... मैं आपकी हर बात सुनने को तैयार हूँ अगर वो इस केस से जुड़ी है ", क्लार्क ने एडवर्ड को कुर्सी पर बैठने का इशारा करते हुए कहा। 
" आज मैंने आपको कुछ लोगों से पूछताछ करते हुए देख आपकी बातें सुनी जो ओलिवर के विषय में थीं... मैं आपको उसी ओलिवर के विषय में सब कुछ खुलकर बताना चाहता हूँ ", एडवर्ड ने क्लार्क की ओर देखते हुए कहा। 
" मैं सब कुछ जानने के लिए उत्सुक हूँ... कृपया सारी बातें विस्तार पूर्वक बताइएगा क्यूँकि आपके द्वारा दी गई हर जानकारी मेरे लिए महत्वपूर्ण है ", क्लार्क ने एडवर्ड से कहा और ध्यान से उसकी बातें सुनने के लिए सामने बैठ गया। 
" बात तब की है जब मैं एक नौजवान हुआ करता था और अपने लिए नए रोज़गार के साधनों को ढूँढता रहता था, उस समय भी गाँव के सारे लोग ओलिवर को मनहूस मानते थे और वह सबसे अलग होकर नदी के किनारे रहता था... गाँव के लोग कहते थे कि ओलिवर के पिताजी ने डायन से शादी की थी जिस वजह से उनके परिवार वालों ने ओलिवर के माँ बाप को गाँव से बाहर निकाल दिया था इस वजह से उन्होंने नदी के किनारे अपनी एक कुटिया बना ली थी... वहीं ओलिवर का जन्म हुआ था और उसके काफ़ी सालों बाद उसके माँ बाप का देहांत हो गया, गाँव के लोग ओलिवर को इसलिए मनहूस मानते थे क्यूँकि उनका मानना था कि ओलिवर की माँ काला जादू करती थी और एक बार जो कुबड़े बदसूरत ओलिवर को देख लेता था उसके साथ कुछ न कुछ बुरा ही होता था, यही वजह थी कि सब उससे दूरी बना कर रखते थे... यह बात उस रात की है जब मैं पास के गांव से अपना काम ख़त्म करके लौट रहा था, उस समय मैं आस पास के गांव में खेतों पर काम कर अपना खर्च निकाला करता था... मुझे उस रात लौटने में काफ़ी देर हो गई थी इसलिए मैंने जंगल का छोटा मार्ग चुन लिया था जिसके बीच में ओलिवर का घर पड़ता था... मैं वहाँ से आ ही रहा था कि तभी अचानक मेरी नज़र ओलिवर पर पड़ी जो एक काले जादू की विधि में लीन था, पहले तो मैं उसे देखते ही डर गया इसलिए मैंने आगे बढ़ने के बजाय छुप कर सब कुछ देखने का फैसला किया... मैं ये देख कर हैरत में पड़ गया जब ओलिवर ने अपनी रहस्यमयी विधियों से एक रूहानी शक्तियों के स्वामी को प्रकट किया , मैंने देखा कि वह उससे अपनी मुराद पूरी करने का निवेदन कर रहा था... इससे पहले कि वह अंधेरी दुनिया से प्रकट हुई काली शक्ति उसकी मुराद पूरी करती उसे मेरे वहां होने की भनक मिल गई और उस अंधेरी दुनिया के सरताज ने ओलिवर के कानो में कुछ फुसफुसाया तथा अचानक ही काले बादलों के धुंए का बवंडर बनाते हुए ग़ायब हो गया... मैं ये सब देखकर स्तब्ध रह गया और ख़्यालों में खो सा गया था कि तभी अचानक ही पीछे से ओलिवर ने आकर मुझे चौंका दिया, मारे दाहशत के मेरे हाथ पाँव थर - थर कांपने लगे थे और मैं ख़ुद को असहाय सा महसूस करने लगा था... ओलिवर ने मुझे सख्त चेतावनी दी कि आज रात जो कुछ भी देखा है उसका ज़िक्र किसी के साथ भी नहीं करना है वर्ना वो काली शक्तियों का स्वामी मुझे अपने परिवार सहित ख़त्म कर देगा... मैं इतनी बुरी तरह से डरा हुआ था कि मैंने ओलिवर की सारी बातों को बिना किसी शर्त के मान लिया और वापस अपने घर की ओर बढ़ गया, उस रात मुझे ओलिवर की असलियत का पता चला और यह भी पता चला कि वह क्या - क्या कर सकता है... मैं उस रात के बाद से बिलकुल बदल सा गया था और दिन रात यही सोचता रहता था कि ओलिवर के पास जब इतनी शक्ति मौजूद है कि वह किसी की भी मुराद पूरी करवा सकता है तो मुझे भी काफ़ी धनवान बना सकता है... यही सोचकर मैंने ओलिवर से एक बार फिर से मुलाकात करने का फैसला किया क्यूँकि मेरे अन्दर भी तब लालच जाग चुका था ", 
                               To be continued... 
                      ©IVANMAXIMUSEDWIN 


द डॉल मैन - 21


"एक रात घर वालों के सो जाने के बाद, मैं मौका पाते ही घर से बाहर निकल गया... किसी को भनक ला लगे कि मैं कौन हूँ तथा किस दिशा की ओर जा रहा हूँ इसके लिए मैंने अपने ऊपर एक कम्बल डाल लिया और ओलिवर के घर की ओर बढ़ने लगा... वह रात आज भी मेरे सामने कल की ही बात लगती है, वह कड़ाके की ठंड की रात थी जो सीधे हड्डियों को चुभ रही थी... मैं गाँव वालों की नज़र से बचते बचाते किसी तरह छोटी पहाड़ी तक पहुँचा और कुछ ही देर में ओलिवर के घर के दरवाजे के सामने खड़ा हो गया, मैंने दरवाजे पर दस्तक दी और बस कुछ ही देर बाद दरवाजा खुल गया... सामने कुबड़ा ओलिवर खड़ा था, उसने मुझसे आने की वजह पूछी... मैंने उसे अपने आने का कारण बताया, मैंने उससे कहा कि जो भी मुनाफा होगा मैं उसमें से उसे भी दूँगा बस उस अंधेरी दुनिया की रूहानी शक्ति से मेरे मन की मुराद पूरी करवा दे और मुझे एक अमीर व्यापारी बना दे... पहले तो ओलिवर ने इसके लिए मुझे साफ़ मना कर दिया था लेकिन मेरे बार बार गिड़गिड़ाने से ओलिवर मानने पर मजबूर हो गया क्यूँकि वह एक भले दिल का इंसान था... उसने मुझसे कहा कि वह मेरी मुराद पूरी करवा सकता है बस मुझे कभी न कभी इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी क्यूँकि रूहानी शक्ति अगर एक हाथ कुछ देती है तो दूसरे हाथ से आपकी सबसे प्यारी चीज़ ले भी लेती है... उस समय मेरे ऊपर बस अमीर बनने का जुनून सवार था इसलिए मैं किसी भी चीज़ को कुर्बान करने के लिए तैयार हो गया, मुझे उस वक़्त इस बात का बिलकुल भी अंदाज़ा नहीं था कि उसकी कीमत मुझे इतने सालों बाद मेरी सबसे प्यारी बीवी और बेटियों के रूप में चुकानी पड़ेगी... ख़ैर उस वक़्त मुझे ओलिवर ने बताया था कि उसे बच्चों से बहुत लगाव है क्यूँकि उसका बचपन अकेले ही बीता था इसलिए वह हर बच्चे में ख़ुद को देखता था, पर गाँव के सभी बच्चे उससे डर कर भाग जाते थे, यही वजह थी कि उसने मुझे खिलोनों का व्यापार करने की सलाह दी और मैं मान गया, उसने पहली बार मेरे लिए अपने ही घर में उस रूहानी शक्ति से मुराद पूरी करने का निवेदन किया लेकिन अकेले में, उसकी यही शर्त थी कि उसे अपने काले जादू की विधि में किसी किस्म का विघ्न नहीं चाहिए इसलिए मैंने कभी उसके काले जादू की विधि के बीच में रुकावट बनने की कोशिश नहीं की... पहले तो वह अपने घर में ही मेरे लिए खिलौनों की मुराद पूरी करता था फ़िर जैसे जैसे मैं उन्हें बेचकर अमीर होता गया, मैंने गाँव वालों की नज़र से इस धोखे को बचाने के लिए एक कारखाने का इंतजाम कर लिया जिसमें ओलिवर आराम से खिलौनों की मुराद मांग सकता था, बस उन्हें आस पास के इलाकों में बेचने के लिए मैंने कुछ नौजवानो को मज़दूर के तौर पर रख लिया था... मैं अगर चाहता तो सोने, चांदी या अन्य कीमती वस्तुएँ भी मांग सकता था लेकिन मैंने खिलोनों के रोज़गार को चुना, अब चूँकि वह अंधेरी दुनिया की काली शक्ति की मुराद द्वारा बने हुए खिलौने थे इसलिए बच्चे उन्हें देखकर ख़ुद को रोक नहीं पाते थे और मेरा ऐसा कोई भी दिन खाली नहीं गया कि सारे खिलौने बिके न हो... कामयाब व्यापार का साधन मिल जाने के कारण गाँव वालों ने मुझ पर कभी उंगली नहीं उठाई वर्ना सीधे दौलत की मुराद करने से कई तरह के सवाल खड़े हो सकते थे...पूरे गाँव में ओलिवर की अगर किसी से दोस्ती थी तो वह मैं ही था, मैंने उससे कभी बेईमानी नहीं की और व्यापार में उसका हिस्सा सबसे पहले निकाल कर अलग कर दिया जाता था, जो बिना मांगे ही उसे दे दिया जाता था...मुझे पता नहीं क्यूँ ये लगता है कि बच्चों से जुड़ा हुआ मामला कहीं न कहीं ओलिवर से भी ताल्लुक रखता है क्यूँकि घटना स्थल से बरामद हुए गुड्डे भी अपने ऊपर D तथा O के अक्षर की मोहर लगवाए हुए थे... क्या मैं जॉनसन के घर से बरामद हुए गुड्डे को देख सकता हूँ, अगर मैं जो सोचता हूँ उस गुड्डे पर वही अक्षर ख़ुदा हुआ मिला तो मेरा शक़ यकीन में बदल जाएगा ", एडवर्ड ने सारी बातें विस्तार से क्लार्क को बतायीं और उससे जॉनसन के घर में बरामद हुए गुड्डे को देखने के लिए मांग लिया। 
" आपकी कहानी किसी परी कथा से कम नहीं है... आपको लगता है कि ये सब कुछ ओलिवर के कारण हो रहा है लेकिन फिर भी मेरा मन और तजुर्बा ये कहता है कि ये किसी इंसान का ही काम है... फिर भी आप अपनी तसल्ली के लिए वो गुड्डा देख लें जो जॉनसन के घर से बरामद किया गया है", क्लार्क ने एडवर्ड की ओर देखते हुए कहा और फिर उसे वह गुड्डा लाकर दे दिया जो जॉनसन के घर से बरामद किया गया था। एडवर्ड ने उस गुड्डे को अच्छी तरह से देखा क्यूँकि उसे अपना शक़ दूर करना था। 
" ये देखिए मिस्टर क्लार्क... मेरा अंदाज़ा बिलकुल सही था, इस गुड्डे के गर्दन के पीछे " L" बना हुआ है और पहले मिले दोनों गुड्डों में "D" और "O" लिखा हुआ था... दरअसल वह अपहरण करने वाला उसी ओलिवर की ओर इशारा कर रहा है क्यूँकि वह सात बच्चों को उठाने के फिराक में है तब जाकर पूरा होगा उस अंधेरी दुनिया के रूहानी शक्तियों के सरताज का इंतकाम और पूरा होगा डॉल मैन शब्द, क्यूँकि मैं और ओलिवर अपनी मुराद पूरी करने वाले को डॉल मैन ही के नाम से पुकारते थे... ऐसा इसलिए क्योंकि उसके द्वारा दिए गए गुड़िया और गुड्डे  बच्चे को ख़ास लुभाते थे, वे अद्भुत और अनोखे होते थे ", एडवर्ड ने विस्तार पूर्वक क्लार्क को समझाया, अब क्लार्क को भी उसकी बातों पर यकीन होने लगा था और वह एडवर्ड की बातों को सुनकर गंभीर सोच में पड़ गया था। 
" तो अब आप ही बताएँ कैसे निपटा जाए इस डॉल मैन की समस्या से क्यूँकि ऐसा केस मैं पहली बार सुलझा रहा हूँ... और अब तक आपने मुझे ये नहीं बताया कि आखिर ओलिवर के साथ क्या हुआ था, वह कैसे मारा गया", क्लार्क ने उत्सुकता पूर्वक एडवर्ड की ओर देखते हुए पूछा। 
" ये राज़ मैं केवल आपको बता रहा हूँ इस उम्मीद से कि जब तक ये केस सुलझ नहीं जाता आप इसका ज़िक्र किसी के साथ भी नहीं करेंगे ", एडवर्ड ने सतर्कता दिखाते हुए क्लार्क से कहा। 
" आप निश्चिंत होकर सारी बातें बताएं इसका ज़िक्र मैं किसी से भी नहीं करूंगा... आप मुझ पर भरोसा कर सकते हैं ", क्लार्क ने विश्वास दिलाते हुए एडवर्ड से कहा। 
" दरअसल जब गाँव वालों को ये पता चला कि लूटपाट तथा हत्याकांड करने वाले ओलिवर के घर रुके थे तो उन्हे मौका मिल गया, वे पहले से ही उससे नफरत करते थे और उन्हें बस एक मौका चाहिए था ओलिवर से छुटकारा पाने का... उसे अपनी सफ़ाई में कुछ कहने का मौका भी नहीं मिला और गाँव की क्रोधित जनता ने उसे मौत के घाट उतार दिया, अब वे सभी अपने गुनाह को छुपाने के लिए उल्टी सीधी कहानियाँ बना रहे हैं, इसलिए मैं आपके पास इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पहुँचा हूँ... अब ये आपके ऊपर है कि आप क्या फैसला लेते हैं ", एडवर्ड ने क्लार्क की ओर देखते हुए कहा जिसे सुनकर क्लार्क एक बार फिर से गहरी सोच में डूब गया। 

" आज भी मैं जुएँ में काफ़ी पैसे हार गया... अब हमारे पास लूट के माल की ज़्यादा रकम नहीं बची है, आधे से ज्यादा हमारी अइयाशी में खत्म हो गए, बताओ आगे क्या करना है", डेनियल ने मार्विन की ओर देखते हुए पूछा। 
"तुम्हारी यही आदत खराब है... तुम जुएँ की लत जब तक नहीं छोड़ोगे हम इसी तरह से कंगाल होते रहेंगे और एक दिन ठन ठन गोपाल हो जाएंगे... अभी कुछ दिनों पहले ही तो लूटपाट किया था और इतनी जल्दी तुमने पैसे उड़ा भी दिए, अब हमारे पास एक ही रास्ता बचा है,जंगल की ज़मीन में गाड़े गए बाकी के माल को निकाल कर उसे खर्च करना... लेकिन इसके लिए हमें बहुत सतर्कता के साथ इस काम को अंजाम देना पड़ेगा क्यूँकि अब तक तो गाँव वालों ने पुलिस वालों तक इस खबर को पहुंचा दिया होगा, अभी उस गाँव में कदम रखना हमारे लिए खतरे से खाली नहीं होगा इसलिए किसी दिन अच्छा मौका पाकर हमें उसे जंगल में जाकर निकालना होगा... मैं तुम्हें बताऊँगा कि किस दिन इस काम को अंजाम देना है ", मार्विन ने अपना शातिर दिमाग चलाते हुए डेनियल से कहा, हालांकि वह इतनी जल्दी उस गाँव के नज़दीक नहीं जाना चाहता था लेकिन शीघ्र ही पैसों की होने वाली तंगी के कारण उसे अपनी योजना में बदलाव करना ही पड़ेगा। 
                                To be continued... 
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द डॉल मैन - 22

एडवर्ड के विदा लेते ही क्लार्क कुछ देर के लिए गहरी सोच में पड़ जाता है, वह इस डॉल मैन के विषय में सोचने लगता है, उसे एडवर्ड की बातों में खिंचाव सा महसूस होता है...हालांकि वह भूत प्रेतों की बातों में विश्वास नहीं करता था लेकिन एडवर्ड की बातें सुनकर कोई जोखिम भी नहीं लेना चाहता था, इसलिए वह इस डॉल मैन के रहस्य का पर्दाफाश करने के बारे में सोचने लगा कि तभी अचानक उसके होटल के कमरे के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी... उसने अपने ओवर कोट से जेब घड़ी निकाली और उसमें समय देखा, वह समझ गया कि और कोई नहीं बल्कि रिचर्ड ही होगा। उसने आगे बढ़कर दरवाजे को खोला और रिचर्ड से हाथ मिलाते हुए होटल के रेस्त्रां की ओर बढ़ गया, रिचर्ड भी उसके साथ ही था। दोनों खाली पड़ी टेबल पर बैठ जाते हैं और खाने का ऑर्डर दे देते हैं।
"मिस्टर रिचर्ड मेरे दिमाग में एक योजना है, उस बच्चा चोर को रंगे हाथों पकड़ने की... अगर आप मेरा साथ दें तो हम उस अपराधी को पकड़ सकते हैं और उसके ज़रिए ग़ायब हुए बच्चों का भी पता चल जाएगा", क्लार्क ने रिचर्ड की ओर देखते हुए कहा, उसकी बातें सुनकर रिचर्ड के अंदर एक उत्साह की लहर दौड़ जाती है।
" बताइए मिस्टर क्लार्क मुझे क्या करना होगा... मैं आपका साथ किसी भी रूप में देने को तैयार हूँ, मैं क्या पूरा गांव आपका साथ देगा इस काम में ", रिचर्ड ने क्लार्क की ओर देखते हुए कहा। 
"मैं ये चाहता हूँ मिस्टर रिचर्ड कि आप गाँव के सारे दस साल से छोटे बच्चों को लिस्ट बनाएँ और मुझे लाकर दें फ़िर आगे की योजना मैं आपको बताता हूँ... फिलहाल आप वही करिए जो मैंने कहा है, लंच के बाद ही आप इस काम में लग जाएंगे", क्लार्क ने रिचर्ड को देखते हुए कहा, वह डॉल मैन के रहस्य को सुलझाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था। 
" जी, ठीक है जैसा आप कहें... मैं बिलकुल वैसा ही करूंगा, लेकिन गाँव में दस साल के तो काफ़ी बच्चे होंगे उन सब में से किसके पास वो बच्चा चोर आएगा ये कैसे पता चलेगा", रिचर्ड ने क्लार्क की बात से सहमति तो जताई लेकिन उससे एक कठिन सवाल भी पूछ डाला। 
"देखिए आपके गाँव में जितने दस साल से छोटे बच्चे हैं उन्हें लिस्ट में उम्र और शौक के हिसाब से छाँटना है... फिर उन्हें अलग अलग करके उन पर निगरानी रखनी होगी, ऐसे में जब भी वह बच्चा चोर आएगा तो हम उसे दबोच लेंगे", क्लार्क ने रिचर्ड को अपनी योजना बताते हुए उसके पूछे गए सवाल का जवाब दिया। 
" मैं समझ गया मिस्टर क्लार्क आप क्या सोच रहे हैं... मैं भी अपने गुस्से पर काबू किए हुए हूँ, बस एक बार वह बच्चा चोर मेरे हाँथ लग जाए तो उसकी खैर नहीं, बहुत दिनों से हाथों में खुजली हो रही है, अब ये खुजली उसी की पिटाई के बाद ख़त्म होगी", रिचर्ड ने पूरे जोश के साथ क्लार्क की योजना से सहमति जताते हुए कहा। 
" ठीक वैसी ही खुजली ओलिवर की पिटाई करते समय भी हुई थी... क्यूँ मिस्टर रिचर्ड, "क्लार्क ने रिचर्ड से ऐसा कुछ कह डाला कि उसकी बोलती ही बंद हो गई, उसका चेहरा सफेद पड़ गया था, जैसे शर्म ने उसकी नसों में खून का बहाव बिलकुल रोक दिया हो, उसकी दशा बिल्कुल ऐसी हो गई थी कि जैसे किसी की चोरी या झूठ पकड़ा जाता है। 
" य... य... ये आप क्या कह रहे हैं मिस्टर क्लार्क... अ.. अ... ओलिवर को भला मैं क्यूँ मरूँगा... अ... अ... आपको ज़रूर कोई गलतफहमी हो गई है, मैं ऐसा क्यूँ करने लगा", डर के कारण अटकती हुई रिचर्ड की ज़ुबान ने क्लार्क के सामने अपनी सफाई पेश की, क्लार्क ने उसके डर को अच्छी तरह से भांप लिया था, जो उसकी पकड़ी गई चोरी का साफ़ प्रमाण दे रहा था। 
" मैं सब कुछ जानता हूँ मिस्टर रिचर्ड... अब कुछ भी छुपाने से कोई फायदा नहीं है, मैंने गाँव के कुछ लोगों से बात की थी, उन सबकी अलग अलग कहानियों ने मेरे शक़ को यकीन में बदल दिया कि मरहूम मिस्टर ओलिवर की हत्या में पूरा गांव शामिल था... भेड़ियों के झुंड ने तो उन्हे बाद में घसीटा था, जब वह मर चुका था, भूखे भेड़ियों का झुंड अक्सर ऐसा काम करते हैं ", क्लार्क ने रिचर्ड को सारी बातें बताते हुए कहा, हालांकि उसने एडवर्ड का सच उससे छुपा कर रखा, वर्ना वह भी मुसीबत में आ जाता। क्लार्क की बातें सुनकर रिचर्ड को शर्मिंदगी का एहसास हुआ, वह कुछ देर के लिए बिलकुल ख़ामोशी से अपना लंच करने में लगा रहा। क्लार्क को उसके हाल के बारे में समझते देर न लगी इसलिए वह भी चुपचाप लंच करने में लगा रहा, वह ख़ुद ही रिचर्ड के इस विषय पर बात करने की पहल का इंतजार कर रहा था। 
"देखिये मिस्टर क्लार्क मैं नहीं जानता कि आपको क्या पता चला है लेकिन ओलिवर को मारने में मैंने पहल नहीं दिखाई थी... गाँव के सारे लोग इस बात पर इतना भड़के हुए थे कि ओलिवर ने ही उन लूटपाट और हत्या करने वालों को अपने घर में पनाह दी थी, मैंने सबसे कहा भी इस तरह से क्रोधित न हों, एक बार ओलिवर को भी अपनी सफ़ाई देने का मौका दें, मगर मेरी किसी ने न सुनी... गाँव का प्रधान होते हुए भी मुझको उस दिन असहाय सा महसूस हुआ, भीड़ के सामने मेरी एक न चली, पहले से ही गाँव वाले उसे मनहूस मानते थे ऐसे में उन्हें मौका मिल गया अपनी खुन्नस निकालने का , अब गाँव वालों ने ही मुझसे इस बात को राज़ रखने के लिए कहा तो मुझे उसी हिसाब से यह बात सबसे छुपा कर रखनी पड़ी... यहाँ तक कि गाँव के बाहर स्थित पुलिस चौकी से भी इस बात को छुपा कर रखा गया, अब आप ही हमें इस समस्या से निजात दिला सकते हैं, आप ही कुछ किजिए ", रिचर्ड ने अपनी सफाई में सब कुछ साफ़ साफ़ क्लार्क को बताया, वह इस बार सच बोल रहा है इस बात का क्लार्क को भी विश्वास था। 
" जुर्म तो तब भी हुआ है मिस्टर रिचर्ड आपसे... इस बात को छुपा कर आपने जुर्म किया है, मतलब इस बात से नहीं होता कि मरने वाला इंसान कैसा था बल्कि कानून की नज़र हर जुर्म करने वाला मुजरिम होता है, अब ओलिवर को भले ही पूरा गाँव मनहूस मानता हो लेकिन जुर्म तो पूरे गाँव ने किया है बिना उसकी सफ़ाई सुने उसे मौत के घाट उतार दिया और उस बात को सबसे छुपा कर रखा... ये एक जुर्म था", क्लार्क ने रिचर्ड को कानून याद दिलाते हुए कहा, उसने उसके जुर्म को एक बार फिर से याद दिलाया, रिचर्ड एक बार फिर से शर्मिंदा हो गया। कुछ देर बाद ही दोनों ने अपना लंच ख़त्म किया और रिचर्ड के निकलने से पहले फ़िर से एक बार क्लार्क ने उसे याद दिलाया कि उसे बच्चों की लिस्ट बनानी है। रिचर्ड ने इस बात पर हामी भरी और क्लार्क के आगे एक बार फिर से अपने किए पर शर्मिंदा होकर वहां से विदाई ली। 

"मार्विन तुम जो कुछ भी उस ओलिवर के बारे में बता रहे थे... क्या वो सब सही था, ओलिवर क्या वाकई एक जादूगर था, अगर ऐसा था तो वह खिलौने क्यूँ बनवाता था, वह उस काली शक्ति से सोने चांदी, हीरे मोती और बाकी ऐशो आराम की सारी चीजें भी तो मांग सकता था", दूर नॉटिंघम के एक बार में डेनियल ने शराब पीते हुए अपने साथी मार्विन से एक सवाल पूछ डाला। 
" मैं भी इसी चीज़ के बारे में बार बार सोचता हूँ कि आखिर इतना पहुंचा हुआ ओलिवर खिलौने क्यूँ बनवाता था उस काली शक्ति के सरताज से... वह और भी तो कुछ मांग सकता था इसके बदले, आखिर उसे ऐसा करने की क्या जरूरत पड़ी थी, सच कहता हूँ डेनियल अगर तुम उस अंधेरी दुनिया की काली शक्ति का स्वरूप देख लेते तो डर से तुम्हारी पतलून गीली हो जाती... हा हा हा", मार्विन ने अपने साथी डेनियल की हँसी उड़ाते हुए उसे ओलिवर की जानकारी दी, वह भी इसी बात से चिंतित था जो डेनियल की उलझन बनी हुई थी। 
" मुझे ऐसा लगता है मार्विन की जिस खिलौने वाले के यहाँ हम लोगों ने बलात्कार और हत्या की थी, कहीं न कहीं वह ओलिवर से ताल्लुक रखता था... क्यूँकि अपने गांव का वो सबसे अमीर आदमी था, मुझे इस बात का भी यकीन है कि वह खिलोनों का कारखाना भी उसी का था जहाँ तुमने ओलिवर को रूहानी शक्ति से खिलोनों की मुराद मांगते देखा... उसकी पत्नी कैथरीन ने उस दिन बातों - बातों में इस बात का ज़िक्र किया था, जब मैं उसके घर मेहमान बनकर पहुँचा था ", डेनियल ने मार्विन से ऐसा कुछ कहा कि वह बिलकुल खामोश सा हो गया, उसकी बोलती कुछ देर के लिए बंद हो गई और वह इसी विषय पर सोचने लगा। 
                                  To be continued... 
                        ©IVANMAXIMUSEDWIN 










Comments

  • Jun 27, 2021

  • Awesome story, Awesome writing and Awesome suspense thriller, my younger brother and sister enjoy and imagine, as I narrate your story to them. They are afraid to stay alone due to Doll Man . Your every story is extremely thrilling and sometimes they give goosebumps to me. Please upload rest of the story as soon as possible. 👍

    Jul 03, 2021

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