आसान नही है _ Part 2 Read Count : 29

Category : Poems

Sub Category : N/A
आसान नही होता,
किसी पराए के लिए जगह बनाना
अपने घर और दिल दोनो में,
अपनी चीजों का जो खुद मालिक हुआ करता था
अब उसको किसी के साथ बाटना,
आसान नही होता.....
अपने मां बाप के नालायक बेटे  से 
समझदार हो जाना 
आसान नही होता ,
जो खुद की जिम्मेदारी नहीं खुद से उठा पाता था कभी
अब किसी और की जिम्मेदारी उठा लेना ,
आसान नहीं होता 
उसकी जरूरतों को पूरा करना
साथ साथ ये ध्यान रखना के 
उसे घर की याद न आए ,
जो कल तक अपने कमरे का खुद मालिक हुआ करता थे
आसान नहीं होता ,उसे अपने ही कमरे की 
मालकिन" घोषित करना,
कल तक जो गाडी 120 से 140 की गति पर चलाता था
आसन नही होता ,उसके आने के बाद 
गाडी 60 की गति पर ले आना ,
पहले जो मन में आता था वो काम किया करता था 
आसान नही होता, उससे पूछ के हर निर्णय लेना,
उसकी छोटी सी तकलीफ को अपना समझना ,
समय आने पर हमेशा उसका साथ देना 
उसके परिवार को अपना मन कर चलना,
ये " मै " से हम तक का सफर आसान नही होता ,
हर काम में आगे रहने के बाद भी नकारा कह
 जाना 
कहा आसन होता है एक लड़का होना ........!

Comments

  • Jul 15, 2021

Log Out?

Are you sure you want to log out?