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Category : Books-Fiction

Sub Category : Horror

द डॉल मैन - 5


मार्विन बहुत ही सावधानी पूर्वक अपने कमरे के दरवाजे को खोलता है ताकि दरवाजे के खुलने की आवाज़ किसी के कानो तक न पहुंच पाए, वह गश्त लगाने वाले उस बंदे को देखना चाहता था जो इतनी रात में बाहर टहलने निकला था। मार्विन देखता है कि कुबड़ा ओलिवर अपने ऊपर कम्बल डाल कर घर के मुख्य दरवाजे को खोलकर बाहर जाने का प्रयास कर रहा था, उसकी नज़र अब तक मार्विन पर नहीं पड़ी थी।

"ये इतनी रात में चोरों की तरह कहाँ जा रहा है, गुरु दाल में ज़रूर कुछ काला है... ये कुबड़ा इतना सीधा नहीं है जैसा प्रतीत होता है, इसके इस राज़ का तो पता लगाना ही पड़ेगा", मार्विन ने ओलिवर को रात में चोरों की तरह निकलते हुए देख कर ख़ुद से कहता है, उधर इस बात से अनजान ओलिवर धीरे से दरवाजे को खोलकर घर से बाहर निकल जाता है। मार्विन भी अपना ओवर कोट डालकर उसके पीछे-पीछे चल देता है।

रात अपने चरम पर थी, चारों ओर से भेड़ियों की भयानक आवाज़ें दिल दहला देने के लिए काफ़ी थीं पर फ़िर भी दो लोग ऐसे थे जिन्हें इस बात की परवाह बिलकुल नहीं थीं। ओलिवर को अपनी मंज़िल तक पहुंचने की जल्दी थी वहीं दूसरी ओर मार्विन को इस बात का पता लगाने की तीव्र इच्छा थी कि कुबड़ा ओलिवर कहाँ और क्या करने जा रहा है। कुछ ही देर में छोटी पहाड़ी का इलाका शुरु हो जाता है और जंगल से आ रही उन भेड़ियों की आवाज़ भी अब दबने लगी थी, ऐसे में ओलिवर को एहसास होता है कि कोई उसके पीछे चल रहा है, ओलिवर चलते- चलते अचानक रुक जाता है और तुरंत ही पीछे मुड़कर देखता है, वहाँ कोई नहीं था चतुर मार्विन पास ही एक पेड़ के पीछे छुप गया था और ऐसा ओलिवर के कुबड़ेपन के कारण था, वह आम लोगों के मुकाबले कुछ धीमा था, उसे चलने में भी काफ़ी परेशानी होती थी, झुका हुआ शरीर आखिर कितना तेज़ चल सकता था। ओलिवर देखता है कि पीछे कोई नहीं है वह फिर से मुड़कर अपनी मंज़िल की ओर बढ़ने लगता है, मार्विन भी पेड़ के पीछे से निकलकर दुबारा पीछा करने लगता है लेकिन इस बार वह और थोड़ा होशियारी से ऐसा करता है क्यूँकि उसे इस बात का पता चल गया था कि ओलिवर को शक़ हो गया था कि कोई उसका पीछा कर रहा है।

"ऐसा लग रहा है कि कोई मेरे पीछे चल रहा है, सूखे पत्तों की आवाज़ साफ़ मेरे कानों तक पहुंच रही है... कौन हो सकता है ", ओलिवर ख़ुद से कहता है और एक बार फिर चलते- चलते रुक जाता है पर एक बार फिर से उसके हाथ निराशा ही लगती है क्यूँकि फ़िर से उसकी धीमी गति और पेड़ का सहारा लेकर मार्विन ख़ुद को छुपाने में कामयाब हो जाता है।

" ये कुबड़ा तो बहुत ही बड़ा खिलाड़ी निकला... इसे दुबारा शक़ हो गया कि कोई इसका पीछा कर रहा है, इसके कान काफ़ी तेज़ मालूम पड़ते हैं", मार्विन पेड़ के पीछे छुपकर ओलिवर की ओर देखते हुए ख़ुद से कहता है।

"लगता है कोई नहीं है, शायद मेरे ही कानों को धोखा हुआ हो... ख़ैर कुछ देर रुक कर देखता हूँ फ़िर आगे अपनी मंज़िल की ओर निकलूंगा ", ओलिवर मौके की नज़ाकत को समझते हुए ख़ुद से कहता है और थोड़ी देर वहीं रुक कर फ़िर से आगे की ओर बढ़ता है। मार्विन पेड़ के पीछे से निकलकर फ़िर से उसका पीछा करने लगता है।

इस बार ओलिवर थोड़ा ज़्यादा ही सतर्कता से आगे बढ़ रहा था और मार्विन उससे भी ज्यादा सतर्कता से उसका पीछा कर रहा था।

ये ओलिवर का दुर्भाग्य था कि उसके कंधों के ऊपर पूरी दुनिया का भार परमात्मा ने रख दिया था जिसका भरपूर फायदा मार्विन उठा रहा था और ओलिवर का पीछा करने में उसे ज़्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ रहा था क्यूँकि उसकी गति इतनी तेज़ नहीं थी।

काफ़ी दूर चलते हुए एक बार फिर से ओलिवर को ऐसा लगने लगता है कि कोई उसका सही में पीछा कर रहा है, वह फिर से रुक कर पीछे पलट कर देखता है, "कौन हो सकता है जो आज इस तरह से पीछा कर रहा है... ऐसा पहले तो कभी नहीं हुआ, घर में जो मेहमान आयें हैं वो तो शराब पीकर सोए पड़े होंगे, उनमें से तो कोई नहीं हो सकता है, फिर ये कौन है जो इतनी रात में पीछा कर रहा है सोने के बजाए... कोई दिख भी तो नहीं रहा है", ओलिवर ख़ुद से ही कहता है और इधर उधर अपना पीछा करने वाले को देखने लगता है।

" ओहो... ये कुबड़ा तो चलते हुए बीच बीच हर बार पीछे मुड़कर देखता है, पता नहीं आज पहुंचेगा कि नहीं, एक तो चलता ही धीरे - धीरे है ऊपर से बार - बार पीछे जासूसी करता फ़िर रहा है ", एक बार फिर से ओलिवर की धीमी गति का फायदा उठाकर पेड़ के पीछे छुप कर मार्विन ख़ुद से कहता है। वह कच्ची सड़क के किनारे उगे हुए पेड़ों का भरपूर फायदा उठा रहा था ख़ुद को छुपाने में। ओलिवर काफ़ी देर तक रुक कर अपना पीछा करने वाले को देखता है पर उसे कोई भी व्यक्ति दिखाई नहीं देता है यहाँ तक कि कोई जानवर भी मौजूद नहीं थे। 

" लगता है कि कोई नहीं है इस बार फिर से धोखा हुआ है... अब आगे की ओर बढ़ता हूँ काफ़ी देर हो गई इसी चक्कर में, बार - बार पीछे ही देखता रहूँगा तो सुबह हो जाएगी और अपना काम नहीं निपटा पाऊँगा जिस कारण रात में निकला हूँ", ओलिवर ने उसी जगह खड़े - खड़े हर दिशा में देखते हुए ख़ुद से कहता है।

" अरे कुबड़े आगे क्यूँ नहीं बढ़ता है... गुरु लगता है कोई बड़ा हाँथ मारने के लिए रात में निकला है, अगर ऐसा न होता तो इसे पकड़े जाने का डर नहीं होता और ये बार - बार पीछे मुड़कर न देख रहा होता, ये ज़रूर कोई ऐसा काम करने जा रहा है जिसके बारे में ये किसी को पता नहीं चलने देना चाहता है ", पेड़ के पीछे से छुप कर ओलिवर को देखता हुआ मार्विन ख़ुद से कहता है और पेड़ के पीछे तब तक छुपा रहता है जब तक ओलिवर को पूरी तरह से तसल्ली नहीं हो गई कि उसके पीछे कोई भी नहीं है।

                        To be continued... 

               ©IVANMAXIMUSEDWIN  



द डॉल मैन - 6



"आह... अरे ये मार्विन कहाँ लापता हो गया इतनी रात में, चारों तरफ जंगल से भेड़ियों के रोने की डरावनी आवाज़ें आ रही हैं, ऐसे में मार्विन को कौन सा काम आन पड़ा जो रात ही में निकल पड़ा वो भी बिना मुझे बताए, लगता है आज इस इलाके की छानबीन करते हुए कुछ बहुत ज़रूरी हाथ लगा है इसलिए बच्चू बिना बताए निकल पड़ा... इतने सालों का भरोसा पल भर में तोड़ दिया, ज़रा कमरे से बाहर देखता हूँ हो सकता है वहीं पर मौजूद हो और मैं बेवजह ही परेशान हो रहा हूँ ", नशा टूटते ही डेनियल भी नींद से जाग कर अंगड़ाई लेते हुए मार्विन के बिस्तर की ओर देखता है, उसे बिस्तर पर न पाकर मार्विन ख़ुद से कहता है और एक बार कमरे के दरवाजे से बाहर हॉल की ओर देखने का प्रयास करता है।

" अरे यहाँ तो कोई भी नहीं है, आखिर मार्विन कहाँ जा सकता है... ये जगह भी उसके लिए उतनी ही अनजान है जितनी मेरे लिए फ़िर ऐसे में उसे अकेले जाने की ज़रूरत क्यूँ पड़ गई, कहीं ऐसा तो नहीं है कि मार्विन का इरादा अब बदल गया हो और वह मुझे ही धोखा देना चाहता हो वर्ना आज तक उसने मुझे कभी कुछ बताए बिना नहीं किया... हम दोनों का संबंध सगे भाइयों से भी बढ़कर था, तो फिर आज मार्विन के हाथ ऐसा कौन सा राज़ लग गया जो इतने पुराने संबंध पर शक़ की दरार आ गई...मार्विन इस जगह पर आते ही बदल गया है ", डेनियल ने पूरे घर में मार्विन को तलाश किया पर उसे कहीं भी न पाकर निराश होते हुए ख़ुद से कहा। डेनियल को अब मार्विन के इरादों पर शक़ होने लगा था कि वह इस लूट में उसके साथ शायद हेरा फेरी करने की सोच रहा है। 


इस बात की तसल्ली हो जाने पर कि कोई ओलिवर का पीछा नहीं कर रहा है, वह अपनी मंज़िल की ओर एक बार फिर से बढ़ना प्रारम्भ करता है, ओलिवर धीरे - धीरे अपनी मंज़िल की तरफ़ बढ़ रहा था और उसी के पीछे - पीछे चतुर मार्विन भी उसी ओर बढ़ रहा था जहाँ ओलिवर को जाना था। काफ़ी देर यूँही आँख मिचौली का खेल खेलकर ओलिवर को पहले ही काफ़ी देर हो गई थी फ़िर भी वह इस बात को नज़रअंदाज़ करते हुए चला जा रहा था। 

"लगता है कि ये कुबड़ा कोई ख़ास खिचड़ी पकाने के इरादे से इतनी रात में निकला है... अब पता ये करना है कि यह इसका रोज़ का काम है या फिर आज इसके हाथ कोई ख़ज़ाना लगने वाला है, इसका पता तो तब तक नहीं चलेगा जब तक कि अपनी मंज़िल तक नहीं पहुँचता है, चलता भी तो बहुत धीरे - धीरे है ", मार्विन ने ओलिवर का पीछा करते हुए ख़ुद से कहा, वह इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखे हुए था कि ओलिवर उसे देख न ले। 

" लगता है कि फ़िर से कोई मेरे पीछे पीछे चल रहा है, पता नहीं कौन है जो इतनी बुरी तरह से हाँथ पैर धोकर पीछे पड़ा हुआ है... कहीं कोई पहचान वाला तो नहीं जिसे मुझ पर शक़ हो गया हो और वह छुप कर ये देखना चाहता हो कि मैं कहाँ आता जाता हूँ, यदि ऐसा है तो ये एक चिंता का विषय है क्यूँकि जो राज़ मैंने इतने सालों से छुपाकर रखा है वह सभी के सामने आ जाएगा... पर अब बार - बार रुक कर पता लगाने का समय नहीं, जो भी हो अगर कोई पीछा कर भी रहा है तो मेरी पकड़ में आने वाला नहीं है और मेरे पास इतना समय भी नहीं बचा है कुछ ही देर में सुबह हो जाएगी उससे पहले मुझे आज का काम निपटाना ही पड़ेगा", कुबड़े ओलिवर ने पीछा करने वाले की आहट मिलते ही ख़ुद से कहा पर इस बार वह रुक कर पीछा करने वाले को देखने के मूड में बिलकुल भी नहीं था, उसे तो अपनी मंज़िल पर पहुंच कर अपना काम निपटाने की जल्दी थी क्यूँकि थोड़ी ही देर में सुबह होने वाली थी और उस इलाके में सुबह - सुबह ओलिवर की मनहूस सूरत कोई भी  देखना नहीं पसंद करता। इस बात का विशेष ध्यान रखते हुए ही ओलिवर ने रात का ही वक़्त अपने काम के लिए मुनासिब समझा। 

इसी तरह से चलते चलते कुछ ही देर में वह अपनी मंज़िल तक पहुंच गया, अपनी जेब से एक चाभी निकाल कर ओलिवर ने बंद ताले को खोला और उस इमारत के अंदर प्रवेश कर गया, अंदर उचित प्रकाश के लिए उसने अपनी जेब से एक मॉमबत्ती निकाल कर माचिस से जला ली, उस इमारत के बाहर खड़ा मार्विन एक शीशे की खिड़की से अंदर घटित घटनाओं को अच्छी तरह से देख रहा था... एक उचित खाली स्थान पाते ही ओलिवर ने अपनी जेब से कुछ और मॉमबत्तियां निकाल कर जला लीं, अब चारों ओर अच्छा खासा प्रकाश फैल चुका था, मार्विन को भी बाहर से अंदर देखने में ज़्यादा कष्टों का सामना नहीं करना पड़ रहा था, वह शांतिपूर्वक अन्दर घटित होने वाली घटनाओं को देख रहा था।


"काफ़ी देर हो गई और मार्विन अब तक नहीं लौटा... कहीं भेड़ियों का शिकार तो नहीं हो गया, वैसे भेड़िये रात में ज़्यादा आक्रामक हो जाते हैं और झुण्ड बनाकर अपने शिकार पर हमला करते हैं, ऐसे में बेचारा मार्विन अकेले क्या करेगा, वैसे मुझे इस बात पर बिलकुल यकीन नहीं है कि वह भेड़ियों का शिकार हो सकता है, वह ज़रूर कोई बड़ा हाथ मारने गया होगा... अरे ये छोटी पहाड़ी की ओर से कौन भागा चला आ रहा है, कहीं ये मार्विन तो नहीं है लेकिन ये इतनी बुरी तरह से क्यूँ भाग रहा है जैसे भूत देख लिया हो, वह अनजान शख्स इसी घर की ओर भागते हुए आ रहा है ", डेनियल नदी के किनारे कुबड़े ओलिवर के घर पर बैठा अपने साथी मार्विन के बारे में विचार करते हुए ख़ुद से कहता है कि तभी अचानक उसे एक अनजान साया छोटी पहाड़ी से घर की तरफ़ भाग के आते हुए दिखाई पड़ता है, डेनियल इधर-उधर देखता है और अपनी सुरक्षा के लिए पास ही रखी एक कुल्हाड़ी हाथ में उठा लेता है।

                        To be continued... 

                 ©IVANMAXIMUSEDWIN 


द डॉल मैन - 7



वो अनजान साया अंधकार में तेजी से ओलिवर के घर की ओर बढ़ रहा था, इस बात से बिलकुल अंजान होकर कि घर में एक शख्स और भी मौजूद है। डेनियल पूरी तैयारी के साथ उसका इंतजार कर रहा था। अपना खुद का दिमाग चलाते हुए डेनियल ने प्रवेश द्वार को पहले ही अंदर से बंद कर दिया था अपनी सुरक्षा हेतु और एक खिड़की से बाहर का सारा नज़ारा देख रहा था। वह शख्स जैसे ही जैसे उस घर के नज़दीक पहुंच रहा था डेनियल के दिल की धड़कन और तेज बढ़ रही थी।

"कौन हो सकता है वो... इतनी रात में उसने ऐसा क्या देख लिया होगा जो इस कद्र भागता चला आ रहा है, कहीं इसके पीछे और लोग तो नहीं पड़े हैं जिनसे ये जान बचाकर भाग रहा है... कहीं ये अपने साथ - साथ मुझे भी मुसीबत में न डाल दे", डेनियल खिड़की से उस शख्स को भागते हुए अपनी ओर आता देख कर ख़ुद से ही कहता है। वह शख्स अब काफ़ी करीब आ चुका था, डेनियल यह देखकर दिवार का सहारा लेकर पीछे छुप जाता है ताकि उस पर किसी की नज़र न पड़े। वह शख्स घर के मुख्य दरवाजे के नज़दीक पहुंच जाता है और दरवाजे को अंदर से बंद पाकर उसे बुरी तरह से पीटने लगता है, दरवाजे पर बुरी तरह से दस्तक सुन कर डेनियल काफ़ी घबरा सा जाता है। 

"क... क... कौन है जो इतनी रात में इस तरह से दरवाजे को पीट रहा है, म... मेरे पास हथियार है मैं बता रहा हूँ, अगर होशियारी दिखाने कि कोशिश की तो अंजाम बहुत बुरा होगा", डेनियल ने दरवाजे पर दस्तक सुन कर डरते हुए स्वरों में उस अजनबी को डराने कि कोशिश करते हुए कहा।

" अरे... ये मैं हूँ मार्विन... मैं कहता हूँ जल्दी से दरवाजा खोलो वर्ना बहुत बड़ा अनर्थ हो जाएगा ", मार्विन ने कांपते हुए स्वरों में डेनियल के सवाल का जवाब दिया। मार्विन की आवाज़ सुनते ही डेनियल की जान में जान आई, उसने कुल्हाड़ी को एक किनारे रखा और दरवाजे को खोलने के लिए आगे बढ़ा। दरवाजा खुलते ही बेहाल मार्विन घर के अन्दर प्रवेश करता है, वह पूरी तरह से पसीने से लथपथ था। वो डेनियल की तरफ़ क्रोध से देख रहा था और डेनियल उसकी ओर आश्चर्य से। 

"क्या हो गया था तुम्हें दरवाजा खोलने में इतनी देर क्यूँ लगा दी", मार्विन ने डेनियल की ओर क्रोध से देखते हुए पूछा। 

"पहले तुम बताओ... तुम इतनी रात में बाहर क्या करने गए थे और इस तरह से भागते हुए क्यूँ आ रहे हो जैसे कोई भूत देख लिया हो", डेनियल ने मार्विन के सवाल का जवाब न देते हुए उससे रात में गायब होने और भागकर वापस आने की वजह के बारे में पूछ लिया। 

"बताता हूँ... बताता हूँ... पहले थोड़ी साँस तो ले लूँ, एक ग्लास पानी मिलेगा क्या ", मार्विन ने डेनियल से कहा और साथ ही पीने के लिए पानी मांगा। डेनियल उसे एक ग्लास में पानी लाकर दे देता है जिसे मार्विन इस तरह से पीता है जैसे जन्म - जन्म का प्यासा हो। 

"तो बताओ... क्या करने गए थे इतनी रात में और कहाँ से क्या देख कर आ रहे हो ", डेनियल ने मार्विन से पूछा। 

"आज रात जब मेरी नींद खुली तो किसी को कमरे के बाहर गश्त लगाते हुए देखा, वह कोई और नहीं बल्कि हमारा मकानमालिक कुबड़ा ओलिवर था... वह कहीं बाहर जा रहा था चोरों कि तरह, बस उसकी इसी हरकत पर मुझे शक़ हुआ और मैंने उसका पीछा किया, वह नगर की एक इमारत में घुस गया और उसकी चाभी भी उसी के पास थी, वह इमारत बाहर से तो आम इमारतों की तरह थी पर अंदर ध्यान से देखने में वह किसी पुराने करखाने की तरह दिख रही थी, उस इमारत के अंदर प्रवेश करते ही ओलिवर ने जो किया वह अद्भुत और आश्चर्यजनक था... मैं कह रहा हूँ कि वह कुबड़ा जैसा दिखता है उससे कहीं ज्यादा खतरनाक है", मार्विन ने डेनियल को सारी बातें बताईं पर ओलिवर के बारे में जानकारी देते देते चुप हो गया। 

" आगे क्या हुआ... तुमने ऐसा क्या देख लिया जो इतनी बुरी तरह से भागते हुए यहाँ आए, क्या उसने तुम्हारी जान लेने कि कोशिश की ", डेनियल ने घबराए हुए मार्विन से पूछा। 

" नहीं उसने जान लेने कि कोशिश तो नहीं की, पर मैंने जो वहां देखा वो किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफ़ी है... ओलिवर जैसा दिखता है वैसा बिल्कुल भी नहीं है, वह बहुत पहुँची हुई चीज़ है जिससे हम दोनों पार नहीं लगा सकते हैं", मार्विन ने डेनियल को ओलिवर की जानकारी देते हुए कहा फ़िर चुप सा पड़ गया। 

" पर तुमने उसे वहाँ ऐसा क्या करते हुए देख लिया जो तुम्हारी डर के मारे हालत खराब हो गई ", डेनियल ने एक बार फिर से ज़ोर देते हुए मार्विन से पूछा। 


" क्या देखने दिखाने की बातें हो रही हैं... ज़रा हमें भी तो पता चले कि आखिर क्या देख लिया आप दोनों ने", अचानक ही ओलिवर ने पीछे से आकर दोनों से पूछा, ओलिवर को देखते ही दोनों मित्र स्तब्ध रह गए, दोनों को बड़ा आश्चर्य हुआ ओलिवर को देख कर पर शायद जल्दबाजी में दोनों मुख्य द्वार को अंदर से बंद करना भूल ही गए थे। अपनी गलती का एहसास होता ही और ओलिवर को पास खड़ा पाते ही दोनों ने अनजान बनने का नाटक किया। 

"नहीं कुछ ख़ास नहीं... इसने एक बुरा सपना देख लिया था जिसके बारे में मुझे बताने जा रहा था... आप घर के बाहर थे हम लोग तो यही सोच रहे थे कि बड़े भाई शायद अपने कमरे में सो रहे हैं", डेनियल ने बड़ी चतुराई से बात को पलटते हुए ओलिवर को जवाब दिया। 

"वो... एक बहुत ज़रूरी काम आ गया था जिसे आज ही निपटाना था इसलिए नगर की ओर जाना पड़ गया... बिना मेहनत किए गुज़ारा भी तो नहीं चल पाता है, इसलिए काम निपटाना ज़रूरी था ", ओलिवर ने भी बात पलटते हुए उन दोनों की देख कर कहा उसे इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं हुआ था कि मार्विन ने उसका पीछा किया था, वह इस बात से भी बेखबर था कि मार्विन सब कुछ देख चुका है और उसका एक ऐसा राज़ खुल चुका है जिसे उसने इतने सालों तक सभी से छुपा कर रखा था। 

                          To be continued... 

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द डॉल मैन - 8


एक अंधेरी हादसों से भरी रात बीतने तथा सुबह होते ही मार्विन और डेनियल अपने काम को अंजाम देने की योजना पर काम करने लगे। रास्ते भर डेनियल ने मार्विन से ओलिवर का राज़ बताने के लिए कई बार उकसाया लेकिन मार्विन ने सही समय आने का बहाना बना कर बात को टाल दिया, शायद उसे ये लग रहा था कि ओलिवर का राज़ डेनियल को अभी बताने से लूट के काम के सामने बाधा खड़ी हो जाएगी, डेनियल अपना सारा ध्यान ओलिवर पर लगाएगा जिससे बाद में काम को अंजाम देने में दिक्कत पैदा हो सकती है। दोनों एक शातिर अपराधी की तरह अपने काम पर जुट गए उस इलाके के कुछ मकानों की अच्छी तरह से खबर निकाली।

" ज़रा देखो तो कैरोलिना... शायद किसी ने दरवाजे पर दस्तक दी है", कैरोलिना की माँ ने उससे कहा, वह रसोईघर में खाना बना रहीं थीं जब उनके घर के दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी। 

"जी आप कौन हैं और किससे मिलना है", कैरोलिना ने दरवाजा खोलते ही सामने खड़े डेनियल से पूछा जो लूट डालने के इरादे से जानकारियां इकट्ठा करने पहुँचा था। 

" दरअसल मैं एक मुसाफिर हूँ... लंदन से आया हूँ, इस इलाके में नया हूँ इसलिए रास्ता भटक गया था, क्या आप मुझे छोटी पहाड़ी का रास्ता बता सकती हैं", डेनियल ने चतुराई दिखाते हुए नादान कैरोलिना से पूछा। 

"कौन है कैरोल... किससे बातें कर रही हो बेटा", कैथरीन ने अपनी बेटी को आवाज़ लगाते हुए पूछा। 

" कोई नहीं माँ... एक मुसाफिर है शायद रास्ता भटक गया है ", कैरोलिना ने अपनी माँ कैथरीन को जवाब देते हुए कहा फ़िर बाद में डेनियल की ओर पलट गई और उसे रास्ता बताने लगी, पर उस भोली-भाली लड़की को क्या मालूम था कि जिसे वह रास्ता दिखा रही है वह कितनों को रस्ते लगा चुका है। 

" क्या मुझे एक ग्लास पानी मिल सकता है... बहुत दूर से यात्रा करके आया हूँ और काफ़ी थक भी चुका हूँ", चतुर डेनियल ने बात पलटते हुए उस मासूम लड़की से पूछा। 

"हाँ... हाँ... क्यूँ नहीं आप अंदर आ जाइए मिस्टर", गाँव की भोली-भाली लड़की शहरी बाबू डेनियल के शातिर इरादों को न समझ सकी और उसे अंदर आने का न्यौता दे दिया। छोटी खिड़की से डेनियल को अंदर आता देख कैरोलिना की माँ कैथरीन भी रसोई घर से बाहर निकल कर हॉल की ओर आ गई और डेनियल से पूछताछ करने लगी। शातिर डेनियल ने दोनों महिलाओं को अपनी मीठी बोली से बहलाए रखा। इसका परिणाम यह हुआ कि जहाँ वह पानी पीने आया था वहाँ उसका स्वागत चाय के साथ किया गया ताकि उसके सफ़र की थकान थोड़ी कम हो जाए। सभी आपस में बातें कर ही रहे थे कि तभी घर में एलिजाबेथ ने प्रवेश किया, जिसका पीछा डेनियल ने पहले दिन ही किया था और आज उससे उसकी दूसरी मुलाकात थी। 

"आप यहाँ अकेली रहतीं हैं मैडम... मेरा मतलब है कि घर में कोई मर्द नहीं है ", शातिर डेनियल ने कैथरीन से पूछा। कैथरीन जो ज़रा भी डेनियल के मंसूबे से वाकिफ़ नहीं थी उसने अपने पति की जानकारी भी डेनियल को दे दी जो नगर से बाहर मेले में अपने खिलौनों की प्रदर्शनी लगाने गए हुए थे। 


" लगता है आप इस इलाके में नए हैं... इससे पहले कभी आपको देखा नहीं, कहाँ के रहने वाले हो भाई", एक अनजान शख्स ने मार्विन की ओर देख कर पूछा। 

"हाँ... यहाँ का नहीं हूँ, लंदन से आया हूँ पास के नगर में होने वाले मेले को देखने, अगर सही लगा तो अगले साल अपना व्यापार भी मेले के ज़रिए बढ़ाने का इरादा है ", मार्विन ने सावधानी से उस अनजान शख्स को जवाब दिया। 

" ओह... तो ये बात है, तभी मैं कहूँ पहले कभी देखा नहीं है, यहाँ बहुत गिने चुने लोग ही बस्ते हैं जिन्हें हम सभी व्यापारी अच्छी तरह से जानते हैं... मेरा नाम पैट्रिक है और यह होटल मेरा है, इस मेले की वजह से ही आसपास के क्षेत्रों की कमाई होती है और मेरे होटल के सारे कमरे भी बुक हो चुके हैं, काफ़ी अच्छा व्यापार होता है... आप अकेले ही हैं या साथ में कोई और भी है ", होटल के मालिक पैट्रिक ने बियर पी रहे मार्विन से पूछा। 

" जी मैं अकेला ही हूँ और अपना कपड़े का व्यापार भी अकेले ही संभालता हूँ... यहाँ भी अकेले ही आया हूँ ", मार्विन ने चतुराई दिखाते हुए जवाब दिया। 

" इस समय तो रुकने के लिए कोई जगह नहीं मिली होगी फ़िर रुके कहाँ पर हो", पैट्रिक ने मार्विन की ओर देखते हुए पूछा। 

" जी वो पहाड़ी की तरफ़ जो ", मार्विन अपनी बात कह ही रहा था पर इससे पहले कि मार्विन अपनी पूरी बात कह पाता पैट्रिक ने उसे बीच ही में टोक दिया, 

"मैं समझ गया जॉर्ज के घर पर रुके होगे... वह भी इस सीज़न में अपने कमरे किराए पर देता है", पैट्रिक ने उसे कुछ भी बताने का मौका नहीं दिया। मार्विन उसे ये नहीं बता पाया कि वह ओलिवर के घर पर रुका है, पर मार्विन को क्या मालूम था कि उस छोटे से कस्बे के रहने वाले ओलिवर को मनहूसियत की मिसाल समझते हैं। मार्विन ने भी हाँ में हाँ मिला दी और जल्द ही बियर ख़त्म कर के वहां से चल दिया इससे पहले कि पैट्रिक उसकी पूरी जन्‍म कुंडली निकालता। 


"काफ़ी देर हो गई है, डेनियल ने तो मुझसे इसी समय पहाड़ी पर मिलने को कहा था... पता नहीं काम कर पाया होगा या ओलिवर के बारे में सोच रहा होगा, उसे ओलिवर की जानकारी नहीं देनी चाहिए थी क्यूँकि डेनियल का दिमाग अपने काम से हट सकता है, ये ओलिवर भी अपने आप में अनोखा ही है और जो रूप मैंने उसका देखा है वह इस इलाके के किसी भी व्यक्ति ने नहीं देखा होगा वर्ना अब तक सब डर से ये कस्बा ही छोड़ कर भाग खड़े होते... अगर ओलिवर को हमारे काम की ज़रा सी भी भनक लगी तो हमारा काम तमाम समझो, इसलिए बहुत होशियारी से और शीघ्र ही इस लूट को अंजाम देना पड़ेगा ताकि यहाँ से जल्द ही नौ दो ग्यारह हो सकें ", मार्विन छोटी पहाड़ी पर डेनियल का इंतजार करते हुए ख़ुद से कहता है।

                       To be continued... 

               ©IVANMAXIMUSEDWIN 



द डॉल मैन - 9


"कहाँ रह गए थे... बहुत देर लगा दी," डेनियल के आते ही मार्विन ने उससे पूछा।

"अरे काम की ख़बर लाया हूँ, गुरु... सुनोगे तो उछल पड़ोगे, पहले दिन जिस लड़की का पीछा किया था आज उसी के घर में चाय बिस्कुट खा पीकर आ रहा हूँ, आज मैंने उसका घर अन्दर से देखा तो पाया कि शहर के किसी मोटे आसामी से कम नहीं है, सुविधाओं की हर चीज़ मौजूद है, उनका रहन सहन भी शहर के लोगों की तरह है, काफ़ी मालदार पार्टी लगती है...घर का मालिक भी मेले में अपने खिलौने की प्रदर्शनी लगाने के लिए गया हुआ है, उसका नाम एडवर्ड है, मौका अच्छा है क्यूँ न हाथ साफ़ कर लिया जाए घर को लूट के और तो और उस लड़की की एक और जवान, खूबसूरत जुड़वा बहन है...क्या कहते हो गुरु ", डेनियल ने शैतानी अंदाज़ में मार्विन को एडवर्ड के घर की सारी जानकारी देते हुए उससे पूछा।

" सोच तो मैं भी रहा हूँ कि इस लूट के काम को जितनी जल्दी अंजाम दे दूँ उतना अच्छा है... ज़्यादा दिन बीतने नहीं देना है वर्ना सबको हम पर शक़ होने लगेगा, जितनी शीघ्रता और चतुराई से इस काम को अंजाम देते हैं उतना ही हमारे लिए अच्छा रहेगा, मैंने भी अगल बगल के सारे रास्ते देख लिए हैं और दो परिवार भी मेरी नज़र हैं... चार से पाँच घरों को लूट लेंगे तो भी काफ़ी माल इकट्ठा हो जाएगा, लेकिन इस काम को हमें बहुत होशियारी से करना होगा, एक - एक करके लूटेंगे और किसी को भी ज़िन्दा नहीं छोड़ना क्यूँकि यहाँ के घर एक दूसरे के काफी नज़दीक हैं... अगर हम रात के समय में अपना काम करें तो ज़्यादा समय मिलेगा और लोग भी चौकन्ने नहीं रहेंगे, " मार्विन ने डेनियल को अपनी योजना समझाते हुए कहा। वह दोनों छोटी पहाड़ी से उतरते हुए नदी के किनारे ओलिवर के घर की ओर जा रहे थे। 

" ये तो ठीक है लेकिन किस दिन लूट डालने की योजना बना रहे हो... ये बताओ ", डेनियल ने मार्विन से सहमत होते हुए पूछा। 

" कल का दिन भी बुरा नहीं है... इस काम के लिए अगर तुम तैयार हो तो", मार्विन ने डेनियल से कहा। 

"ठीक है... कल ही इस काम को अंजाम देते हैं", डेनियल ने उससे सहमत होते हुए कहा। 


रात का खाना खत्म होते ही डेनियल और मार्विन अपने कमरे में सोने चले गए, डेनियल तो बिस्तर पर पड़ते ही सो गया लेकिन मार्विन काफ़ी देर तक जागा रहा, उसे ओलिवर की चिंता सता रही थी... उसे इस बात का डर था कि कहीं ओलिवर रोज़ाना तो उस इमारत में नहीं जाता है जहाँ मार्विन ने उसे देखा था, अगर ऐसा हुआ तो उसकी बनाई हुई योजना विफल पड़ सकती है...ओलिवर को ये पता चल जाएगा कि दोनों के मंसूबे क्या हैं। रात में काफ़ी देर तक जागने के बाद मार्विन को कब नींद आ गई उसे पता ही नहीं चला, बाहर रोज़ की तरह भेड़ियों के रोने की आवाज़ें आ रही थीं जो रात को और भी डरावना बना रही थी। 


"गुड मॉर्निंग भाई...नींद तो अच्छी आई, ये लो तुम्हारी चाय, अब नहा धोकर फ्रेश हो जाओ", डेनियल ने मार्विन से उसके सुबह जागते ही कहा। 

" ठीक है... सुनो अगर ओलिवर पूछे कि आज कहाँ जाने का इरादा है तो उसे यही बताना कि आज हमारा मेले में जाने का इरादा है और वहां जाकर हमें अपने व्यापार की  बढ़ोतरी का ज़रिया देखना है... बाकी की योजना मैं तुम्हें बाहर निकल कर समझाउंगा", मार्विन ने डेनियल को समझाया और फिर चाय पीने लगा। डेनियल उसकी बात समझ गया और कमरे से बाहर निकल गया। नहा धोकर फ्रेश होने के बाद तीनों ने मिलकर सुबह का नाश्ता किया, डाइनिंग टेबल पर ही मार्विन ने ओलिवर को आज की योजना के बारे में बताया। ओलिवर ने दोनों को वहाँ तक पहुँचने का रास्ता बताया, दोनों ने उसकी बात को समझते हुए हाँ में इशारा करते हुए सहमति जताई। 

घर से बाहर निकलते ही दोनों उस रास्ते पर निकल पड़े जहाँ पर मेला लगा हुआ था पर वहां तक पहुंचने से पहले ही दोनों पास के गांव में रुक गए। 

" अब इस गाँव में भी हमें कोई नहीं जानता है... यहाँ से हम लूट डालने के लिए ज़रूरी सामान खरीदेंगे और वापस सही समय पर जाकर नदी के किनारे वाले जंगल में छुप जाएंगे और रात होते ही हम चुप चाप हमला कर देंगे", मार्विन ने रास्ते पर आगे बढ़ते हुए डेनियल को आगे की योजना समझाई। 

" क्या बात कर रहे हो... जंगल में रुकेंगे, रात में ओलिवर के घर से जब भेड़ियों के रोने की इतनी भयंकर आवाज़ें आती हैं तो सोचो जंगल में तो भेड़िये हमें नोच खाएँगे... न बाबा न, मैं नहीं रुकने वाला जंगल में उन भूख से रोने वाले भेड़ियों के साथ... कोई दूसरा प्लान हो तो बताओ, हमारे पास तो बंदूक भी नहीं है ", डेनियल ने डरते हुए मार्विन से आपत्ति जताते हुए कहा। 

" अरे डरते क्यूँ हो... मैं हूँ न, जहाँ हमने इतने बड़े मुजरिमों का सामना किया है वहाँ भेड़िये बेचारे क्या हैं, इंसान से ज़्यादा खतरनाक कोई जीव नहीं है...आखिर भेड़िये तो बेचारे कुत्तों की ही तरह होते हैं, हड्डी फ़ेको आ गया काबू में और जंगल में जिस जगह मैं तुम्हें छुपाउँगा वहाँ भेड़िया तो क्या उसकी परछाई तक तुम पर नहीं पड़ेगी... भरोसा रखो मुझ पर ", मार्विन ने डेनियल को हिम्मत बाँधते और विश्वास दिलाते हुए कहा। 

" फ़िर भी डर तो लगता ही है... कोई दूसरा रास्ता नहीं है क्या भाई ", डेनियल ने असहमति जताते हुए मार्विन से पूछा। 

" बहुत बड़े डरपोक हो यार तुम... अब जब इतने दूर आ गए हैं तो कह रहे हो वापस चलो, जीवन में जोखिम नहीं उठाया तो कुछ नहीं किया और जिंदगी में हर कदम पर जोखिम ही है... बात को समझो हम आज ही लूट डालेंगे और इसके लिए सारी ज़रूरतों का सामान यहीं से ले लो, अब यहाँ से समान लेने के बाद थोड़ी देर यहां के स्थानीय दारू के अड्डे पर रुका जाएगा फ़िर पास के गांव के जंगल की ओर चल देंगे... रात भर रुकना पड़ेगा इसलिए खाने पीने, आग जलाने और एक लम्बी रस्सी ख़रीद लो जिसे हम जंगल में रुककर टुकड़ों में काट लेंगे... वो बेहोश करने वाली दवाई तो मैं अपने साथ लेकर आया हूँ लेकिन अगर कम पड़ गई तो नींद में सोते लोगों को रस्सियों से बांध देंगे ", मार्विन ने डेनियल को अपनी योजना समझाते हुए कहा। 

" अगर बेहोश ही करना है तो दवाई उन लड़कियों पर इस्तेमाल करना भाई... बाकि सब का तो मुँह दबा कर मार दिया जाएगा, बहुत दिनों से मेरे खंजर को किसी इंसान का खून नहीं लगा है, इस बार थोड़ा कत्लेआम होने दो भाई इसलिए रस्सी से बांधने का प्लान रद्द कर दो... सीधे मौत के घाट उतार दिया जाएगा, तब होगी चोरी ऊपर से सीना ज़ोरी", डेनियल ने मार्विन की बात का विरोध करते हुए कहा।


अब तो यह वक़्त ही बताएगा कि क्या ये दोनों अपनी योजना में कामयाब होते हैं या फ़िर असफल होते हैं, भेड़ियों का शिकार बनते हैं या ख़ुद शिकारी बनकर दूसरों का शिकार करते हैं। 

                           To be continued... 

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द डॉल मैन - 10


मार्विन और डेनियल अपनी बनाई हुई योजना के अनुसार चलते हैं और शाम ढलते ही उचित समय पर जंगल की ओर निकल जाते हैं, जंगल में पहुँचते ही वे ऐसी जगह पर छुपते हैं जहाँ से वे गाँव में घुसकर अपनी खतरनाक योजना को अंजाम दे सकते थे। वे दोनों उस जंगल में आग जला कर बैठे थे पास ही नदी का किनारा था, वह इलाका ओलिवर के घर से काफ़ी दूर था, आग जलने की वजह से भेड़िये भी नज़दीक नहीं आ सकते थे। फिर भी जंगल से उनके भूख से रोने की आवाज साफ़ सुनाई दे रही थी।

"मार्विन बहुत दिनों से मैं तुमसे कुछ पूछना चाहता था", डेनियल ने मार्विन की ओर देखते हुए कहा।

" ऐसा क्या है जो तुम मुझसे पूछने में इतना संकोच कर रहे हो... हम दोनों तो पुराने साथी हैं और आज तक एक दूसरे से कुछ छुपाया नहीं", मार्विन ने डेनियल की ओर देखते हुए कहा।

" सही कहा लेकिन मुझे लगता है कि तुमने मुझसे एक बात छुपाई है", डेनियल ने मार्विन की बात से ऐतराज़ जताते हुए कहा।

"ऐसी कौन सी बात है... मैं कुछ समझा नहीं,"मार्विन ने अनजान बनते हुए पूछा।

" वही उस रात वाली बात... जब तुमने ओलिवर का पीछा किया था, आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था जिस बात ने तुम्हें इतनी बुरी तरह से डरा दिया था", डेनियल ने मार्विन को याद दिलाते हुए पूछा। मार्विन उसकी बात सुनकर कुछ देर के लिए सोच में पड़ जाता है फिर डेनियल की ओर देखता है। कुछ देर यूँ ही देखने के बाद वह अपनी चुप्पी तोड़ता है," बहुत लम्बी कहानी है... उस रात जो हुआ मैं उसे जीवन भर नहीं भूला सकता हूं, मैंने जो अपनी आँखों से देखा उस पर यकीन करना मुश्किल था पर यह एक हक़ीक़त थी", मार्विन ने डेनियल से कहा और फिर थोड़ी देर के लिए शांत हो गया।

" रात भी बहुत लम्बी है और हमारे पास वक़्त भी काफ़ी है एक छोटे से किस्से को सुनने के लिए... इसलिए बेझिझक होकर कहो उस रात क्या हुआ था... आज कोई ओलिवर यहाँ बीच में टोकने आने वाला नहीं है ", डेनियल ने मार्विन की ओर देखते हुए कहा।

" उस रात जब मैं ओलिवर का पीछा करते हुए गाँव की ओर जा रहा था तो मैं एक इमारत के पास पहुंचा जो अंदर से एक छोटे करखाने की तरह था...उसकी खिड़की से मैंने अंदर की ओर झाँक कर देखा तो मैंने पाया ओलिवर एक मोमबत्ती जला कर आगे की ओर बढ़ रहा था, एक उचित स्थान पर जाकर उसने ज़मीन पर मोमबत्ती रखी, उसने कुछ और मॉमबत्तियां अपने कोट की जेब से निकाली और उन्हें थोड़ी थोड़ी दूरी पर रख दिया...फिर उसने अपने जेब से एक किताब निकाली और कुछ मंत्रों का जाप करने लगा, आगे जो हुआ वह किसी का भी दिल दहला देता, उस करखाने का अंदर से बंद दरवाज़ा खुल गया और एक आकृति प्रकट हुई उसकी परछाई देखने से उसके कद का अंदाज़ा हो गया, वह काफ़ी विशाल था जैसे कोई जिन्न प्रकट हो गया हो... उसके कारखाने के अंदर प्रवेश करते ही दरवाज़ा अंदर से बंद हो गया, मुझे खिड़की के शीशे से साफ़ तो नही दिख रहा था लेकिन मैंने उस जिन्न को देखने का भरपूर प्रयास किया...उसके कदम धरती पर नहीं पड़ रहे थे, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो वह हवा में उड़ रहा हो, वह सीधा ओलिवर के पास आकर रुका... ओलिवर ने उससे कुछ कहा और वह अपने काम में जुट गया, पलक झपकते ही उसने वहाँ पर रखे हुए सामानों से बेहतरीन खिलौने बना दिए, मैंने अपनी आँखों से साफ़ साफ़ देखा है ऐसा लगा कि उसने केवल एक गोल चक्कर मारा और सारे खिलौने बनकर तैयार हो गए... ये सब देखकर मेरे तो रौंगटे खड़े हो गए, मुझे कुछ भी नहीं सूझ रहा था और ऐसा मेरे साथ तब ही होता है जब मैं बहुत ज़्यादा डर जाता हूँ... इससे पहले कि दोनों को मेरे वहाँ होने की भनक लगती मैं वहाँ से अपनी दुम दबा कर भाग गया और सीधा ओलिवर की कुटिया के सामने आ कर रुका ", मार्विन ने उस रात हुए हादसे के बारे में बताते हुए डेनियल को विस्तारपूर्वक सारी बातें समझाई, जिसे सुनकर डेनियल भी कुछ देर के लिए सोच में पड़ गया। 

" अच्छा हुआ बता दिया... आज रात हम दोनों को उससे होशियार रहने की ज़रूरत है, हो सकता है कि आज रात भी वह उस करखाने में जाए और हम दोनों पकड़ लिए जाएं", डेनियल ने काफ़ी देर तक विचार करने के बाद अपनी चुप्पी को तोड़ते हुए मार्विन से कहा। 

"मुझे तो नहीं लगता है कि वह रोज़ रात को जाता होगा... वहाँ इतने सारे खिलौने उस जिन्न ने बना दिए थे कि उन्हे बेचने में काफ़ी समय लगेगा... मुझे तो लगता है कि वह हफ्ते में एक बार ही जाता होगा, आखिर उसे ख़ुद को लोगों के शक़ से बचाना भी तो है, नहीं तो उसका ये राज़ खुलने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा... यदि कभी ऐसा होता भी है तो इस गाँव के लोग डरकर भाग ही जाएंगे ", मार्विन ने डेनियल को समझाते हुए कहा। 


उधर ओलिवर अपनी कुटिया में आराम से कुर्सी पर बैठ कर शराब पी रहा था और अपने घर की पीछे खिड़की से बाहर का नज़ारा देख  रहा था। 

" ऐसा लगता है कि आज जंगल में कोई रुका हुआ है... काफ़ी दूर से धुँआ दिख रहा है, इसका मतलब यह है कि जंगल में कोई आग जलाकर रुका हुआ है... लगता है कि कोई शिकारी होगा इसलिए जानवरों का शिकार करने के लिए इतनी रात में रुका हुआ है, लानत है ऐसे खाल चोरों पर जो अपना पेट भरने के लिए जंगल के मासूम जानवरों का शिकार करते हैं...इंसान कितना गिर सकता है इसका प्रमाण इन शिकारियों से ही मिलता है लेकिन इससे पहले मैंने आज तक इधर के इलाके में कभी ऐसा होते नहीं देखा, इन पर नज़र रखनी होगी ", शराब पीकर मासूम जानवरों के लिए बेचैन हो उठे ओलिवर ने खुद से कहा और फिर से शराब पीने लगा, आज जैसे वह शराब डूब ही जाना चाहता था लेकिन ओलिवर के इरादों से ऐसा लग रहा था कि वह आज की रात जंगल के उस इलाके में ज़रूर जाएगा जहाँ से उसने धुएँ को उठते हुए देखा था, जहाँ मार्विन और डेनियल थे, जो इस बात से बिलकुल अंजान थे कि ओलिवर इस बात को भांप गया है कि कोई तो ग़लत इरादों से जंगल में छुपा बैठा है। 

                      To be continued... 

              ©IVANMAXIMUSEDWIN 



द डॉल मैन - 11


"अब रात काफ़ी हो चली है... अब हमें आगे बढ़ने की ज़रूरत है, सही समय पर अपनी योजना को अंजाम देकर यहाँ से रवाना भी होना है, ज़्यादा देर रुकना हमारे लिए उचित नहीं होगा...सुबह होने से पहले हम दोनों को यहाँ से काफ़ी दूर निकलना होगा", मार्विन ने एक नज़र अपनी जेब घड़ी पर डालते हुए अपने साथी डेनियल से कहा।

" चलो सही है... अब मुझसे भी ज़्यादा इंतज़ार नहीं हो सकता है, लूट के बाद किस दिशा में जाने का सोचा",डेनियल ने जिज्ञासापूर्वक अपने साथी मार्विन से पूछा।

" हम वापस तो नहीं लौट सकते हैं... बेहतर होगा कि हम दूसरी दिशा में आगे बढ़ें क्यूँकि वहाँ हम दोनों को कोई जानता भी नहीं होगा... यदि हम वापस जाएंगे तो पकड़े जाएंगे क्यूँकि हम छटे हुए बदमाशों में आते हैं, तो हमारा आगे ही बढ़ना सही रहेगा वहाँ जाकर अपना जीवन अच्छे से नए अंदाज़ में जी सकते हैं ", मार्विन ने डेनियल को समझाते हुए कहा।

" तो चलो फ़िर अपने आज तक के अपराधिक इतिहास की सबसे क्रूर वारदात को अंजाम देते हैं... एक को भी ज़िंदा छोड़ना हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकता है, हमारी तस्वीरें फिर हर शहर में नज़र आएंगी ", डेनियल ने उत्सुकता पूर्वक खड़े होकर मार्विन से कहा, मार्विन उसे देखते ही समझ गया कि वह कस्बे की ओर चलने का इशारा कर रहा है। वे दोनों ज़रूरत का सारा सामान लेकर आगे बढ़ते हैं... जंगल में रात काफ़ी काली और डरावनी लग रही थी, चारों ओर ऊंचे दरख्त होने के कारण चाँद की शीतल रोशनी पूरी तरह से ढक सी गई थी। भूखे भेड़ियों के रोने की आवाज़ें चारों ओर से आ रही थी पर फ़िर भी मार्विन और डेनियल इस बात से पूरी तरह से अनजान बनकर अपनी खतरनाक योजना को अंजाम देने के लिए आगे की ओर बढ़ रहे थे। एक ओर जहां उनके मन में जंगल का खौफ़ था तो वहीं दूसरी ओर उनके मन में अपने लूट के माल की उत्सुकता भी थी जो उनके अंदर का लालच साफ़ दर्शा रही थी और इसी लालच ने उन्हें थोड़ा बेखौफ बना दिया था।


जंगल के रखवाले ओलिवर ने उनके द्वारा जलाई गई आग को देखा तो लेकिन वह भी अपनी छोटी सी कुटिया में शराब पीने के बाद सो गया, उसे ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है...उसे इस बात का भी पता नहीं चल पाया कि उसके यहाँ रुके हुए मेहमानों ने ही उसके गाँव को लूटने की योजना बनाई है और अब वह उसे अंजाम देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।


"आह... आज काफ़ी देर हो गई काम करते - करते, बिल्कुल भी वक़्त का पता नहीं चला, अब मैं बहुत ही थक चुकी हूँ... जाकर थोड़ा आराम करती हूँ, पहले ये सारे कपड़े समेट दूँ जिनकी मैं सिलाई कर रही थी", कैथरीन ने अंगड़ाई लेते हुए ख़ुद से कहा, वह घर के कुछ कपड़ों की सिलाई कर रही थी। उसका काम पूरा होते ही वह उन कपड़ों को समेटने में लगी थी कि अचानक उसकी नज़र खिड़की पर पड़ती है... वह सब कुछ छोड़कर खिड़की के नज़दीक आ जाती है जहाँ वह दो अनजान साये को उसके पड़ोस में रहने वाले स्मिथ परिवार के घर की ओर बढ़ते हुए देखती है।

"इस वक़्त कौन हो सकता है... हो सकता है कि स्मिथ परिवार का ही कोई सदस्य हो लेकिन ये दोनों अनजान साये तो घर के पीछे से अंदर की ओर प्रवेश कर रहे हैं, मुझे तो कुछ गड़बड़ लग रही है... लेकिन अगर उनके पास घर की चाभी न होती तो वे अंदर कैसे प्रवेश करते, हो सकता है कि उनके परिवार का कोई सदस्य मेले में गया होगा और अधिक रात हो जाने के कारण पीछे से प्रवेश कर रहा है... मैं भी बेकार का शक़ कर रही हूँ, मुझे भी अब अपने घर के सारे खिड़की - दरवाज़े बंद कर के सो जाना चाहिए... अगर शक़ हो भी रहा है तो अपनी सुरक्षा पहले मायने रखती है, मैं एक बार सब कुछ चेक कर के सोने के लिए जाती हूँ ", कैथरीन ने उन दो अनजान परछाइयों को देखते हुए ख़ुद से कहा, वह उन्हें देखकर एक बार को चिंतित हो उठी थी, उसने अपने घर के सारे खिड़की दरवाज़े एक बार फिर से चेक किए और अपने बिस्तर पर लेट उन्ही अनजान परछाइयों के विषय में सोचने लगी।


" क्या कर रहे हो डेनियल...पहले इन्हें नींद में ही मार देते हैं, बाद में कमरे की तलाशी ली जाएगी, इसके लिए इनका मुँह कस कर दबा के चाकू से गर्दन को एक ही झटके में काट देंगे... लेकिन याद रहे मुँह तब तक दबा कर रखना जब तक इनके प्राण न निकल जाएँ", मार्विन ने फुसफुसाते हुए अपने साथी डेनियल से कहा, वह उसे सावधानी पूर्वक अपने काम को अंजाम देने के बारे में समझा रहा था। वे दोनों फ़िर आगे बढ़ते हैं और उन दोनों मियाँ बीवी को नींद में ही मार देते हैं, कुछ देर के लिए पंख कटने पर तड़पते हुए पंछी की तरह फड़फड़ाने के बाद दोनों अपने प्राण त्याग देते हैं। उन्हे मारने के बाद मार्विन और डेनियल घर के दूसरे सदस्यों के कमरे की ओर बढ़ते हैं... वे दोनों इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखे हुए थे कि ज़्यादा शोर गुल न हो, बिल्कुल शान्ति के साथ सारा काम पूरा हो जाए। 

कैथरीन का शक़ ग़लत न था उसके पड़ोस में रहने वाले स्मिथ परिवार के साथ एक ऐसी घटना घट रही थी जिसकी उन्होंने कभी कल्पना... केवल उन्होंने क्या गाँव में किसी ने इस तरह के हादसे की कल्पना नहीं की थी, वे सभी तो अपने घरों में दिन भर मेहनत करने के बाद चैन की नींद सो रहे थे, इस बात से बिलकुल अनजान होकर की आज रात किसी ने अपनी नींद हराम की है उनमें से कुछ परिवारों को हमेशा के लिए सुलाने को। रात भी शायद उन दोनों का साथ दे रही थी और किस्मत भी, इसलिए तो ओलिवर और कैथरीन की नज़रों में चढ़ने के बाद भी उन दोनों के रास्ते की रुकावट कोई नहीं बना... वे दोनों ही पहले घर को लूटने और परिवार के सदस्यों की हत्या करने में कामयाब रहे, अब वे दोनों अगले घर को लूटने और हत्याकांड करने के लिए आगे बढ़ने को बिल्कुल तैयार थे।

                             To be continued... 

                  ©IVANMAXIMUSEDWIN 










                            

Comments

  • great sir...😍😍😍❤️❤️❤️

    Apr 15, 2021

  • Excellent, mind-blowing ,Sir ❤️❤️

    Apr 15, 2021

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