इवेंट हॉराइज़न - 2 Read Count : 42

Category : Books-Fiction

Sub Category : Science Fiction

इन ब्लैक होल... 


" ओ. के... कैप्टन, अब इस यान की ज़िम्मेदारी आप संभालेंगी, अपने यान को ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण से दूर ही रखें", ग्रुप कैप्टन आर्यन सिन्हा ने ब्लैक होल में जाने से पहले कैप्टन रिचा शर्मा से कहा।

" अपना ख़्याल रखें कैप्टन... मैं दूसरे यान पर बिलकुल सतर्क रहूँगी और ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण केंद्र से अच्छी खासी दूरी बनाकर रखूंगी ", रिचा शर्मा ने आर्यन सिन्हा को विश्वास दिलाते हुए कहा। आज सभी एस्ट्रोनॉट्स की आँखें एक बार फिर से नम पड़ गईं थीं क्यूँकि हमारे कुछ जांबाज़ एस्ट्रोनॉट्स ब्लैक होल में प्रवेश करने वाले थे। सभी एक दूसरे से आख़िरी बार मिलने के बाद अपनी अपनी पोजिशन ले लेते हैं। विक्टर एंटनोवाविच और आर्यन सिन्हा यान के हैच को सावधानी पूर्वक एक दूसरे से अलग कर ब्लैक होल के केंद्र में प्रवेश करने के लिए आगे बढ़ते हैं। 


"क्या बात है बहुत गहरी सोच में पड़े हो... स्पेस रिसर्च प्रोजेक्ट का क्या हुआ, तुम्हें पता है न इसके पीछे कितने मुल्कों का पैसा लगा है... अगर ये प्रोजेक्ट कामयाब हो गया तो हम लोग बर्बाद हो जाएंगे", पृथ्वी पर एक अज्ञात शख्स ने अंडर वर्ल्ड के किंग को याद दिलाते हुए पूछा। 

" उसी के बारे में सोच रहा हूँ... आज ब्लैक होल में प्रवेश कर जाएगी इवेंट हॉराइज़न की एस्ट्रोनॉट्स टीम, वैज्ञानिक सुरेश कुमार की योजना बिलकुल बेकार साबित हुई, उल्टा हमारे आदमी रहमान के लेने देने पड़ गए, वो भी भागता फ़िर रहा है... ऐसे में मैंने उसे अंडर ग्राउंड हो जाने की सलाह दी है...अब बस एक ही रास्ता बचा है ", अंडर वर्ल्ड किंग ने उस अनजान शख्स से कहा। 

" वो क्या... कौन सा रास्ता, ऐसा क्या है जो तुम हम सब से छुपा रहे हो, दुनिया के हर माफिया का इस पर पैसा लगा है...हम सबको भी जवाब देना पड़ता है ", उस अनजान शख्स ने अंडर वर्ल्ड किंग की ओर देखते हुए पूछा। 

" अभी नहीं ये बहुत टॉप सीक्रेट है और ये मेरा ही प्लान बी है... मैं हमेशा एक कदम आगे का सोचता हूँ, मुझे सुरेश कुमार पर शुरू से ही ज़्यादा भरोसा नहीं था कि वह सफल हो पाएगा इसलिए मैंने अपने से एक इंटरनेशनल माफिया से इस काम की डील फ़ाइनल कर ली थी, अब बस सही समय का इंतजार करना पड़ेगा, बस ये समझ लो हमारा काम करने के लिए अपना एक साथी इस समय कई अरबों प्रकाश वर्ष दूर है और जब तक वह है हमारी उम्मीद ज़िंदा है ", अंडर वर्ल्ड किंग ने उस अनजान व्यक्ति को अपनी योजना समझाते हुए कहा। 

" इसका मतलब यह है कि हमारा एक साथी इस समय ब्रह्माण्ड में है ", उस अनजान शख्स ने आश्चर्य जताते हुए कहा। 

" हाँ... बिल्कुल और इस को तुम अपने तक दबा कर ही रखोगे नहीं तो पिछली बार की तरह इस बार भी हमारे हाथ कुछ भी नहीं लगेगा, हमारा आदमी इस प्रोजेक्ट को बिल्कुल नाकाम कर देगा ", उस अंडर वर्ल्ड किंग ने अपने ख़ास आदमी से कहा। 


"चेतावनी... चेतावनी",यान के ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण केंद्र में प्रवेश करते ही कंप्यूटर सिग्नल देते हैं। 

" यान का कंट्रोल हाथ से बाहर हो गया है ", ग्रुप कैप्टन आर्यन सिन्हा ने कहा। 

" कंट्रोल अब हमारे हाथ में नहीं है... इसलिए कुछ भी करना बेकार है, बेहतर यही होगा कि इसे इसके हाल पर ही छोड़ दें और हमलोग बैठ कर नज़ारे का मज़ा लें", ग्रुप कैप्टन विक्टर एंटनोवाविच ने आर्यन सिन्हा को सलाह देते हुए कहा। 

"ये भी सही है... इसका गुरुत्वाकर्षण बल काफ़ी शक्तिशाली है, हम आसानी से अंदर तक पहुंच जाएंगे ", अब मैं यान को बिल्कुल भी नहीं चला रहा हूँ, ये काफ़ी मज़ेदार अनुभव है और साथ ही दिल दहलाने वाला भी ", ग्रुप कैप्टन आर्यन सिन्हा ने विक्टर एंटनोवाविच के सुझाव से सहमत होते हुए कहा। 

"बिलकुल सही कहा कैप्टन... सामने का नज़ारा बेहद आश्चर्यजनक है", चीन के वैज्ञानिक ली जुंग फांग ने आर्यन सिन्हा से सहमत होते हुए कहा। 

" वो देखिए क्या अद्भुत नज़ारा है... यान काफ़ी तेजी से चल रहा है और समय ने अपना खेल दिखाना शुरू कर दिया है, ये समय की अनोखी सुरंग है जो ब्रह्माण्ड की विभिन्न किरणों से बनती है, " इंग्लैंड के वैज्ञानिक थॉमस रायली ने विक्टर को इशारा करके दिखाते हुए कहा। 

"आप बिलकुल सही कह रहे हैं यान काफ़ी तेजी से आगे की ओर बढ़ रहा है और चारों तरफ किरणों का अनोखा नज़ारा है ", विक्टर एंटनोवाविच ने थॉमस से सहमत होते हुए कहा। 

" सब कुछ सही रहा तो हम लोग इसके बिल्कुल केंद्र में जाकर रुकेंगे जहाँ से यान हमें कंट्रोल करना पड़ेगा और वह इस समय के मायाजाल रूपी सुरंग के ठीक होरीज़ोंटल होगा... ऐसा लगेगा जैसे यान ने जर्क मारा वह भी बिलकुल आहिस्ता", रूसी वैज्ञानिक मिखेल सेर्गीविच ने सभी टीम मेंबर्स से कहा। 

" कुछ भी कहो ये नज़ारा देखने लायक है...हम किस्मत वाले हैं जो यहाँ तक सुरक्षित पहुंच गए हैं दोस्तों और ब्लैक होल के बाहरी कक्ष से टकराए बिना अब तक सफलतापूर्वक यात्रा कर रहे हैं ", ग्रुप कैप्टन आर्यन सिन्हा ने सभी टीम मेंबर्स से कहा। 

"इसका श्रेय तो आपको और विक्टर को जाता है... जिनके हुनर ने आज कमाल कर दिखाया है और यान को सारी दुविधाओं से बचाते हुए यहां तक सुरक्षित पहुँचाया है ", ली जुंग फांग ने अपने दोनों कैप्टन के हुनर की तारीफ करते हुए कहा। 

"अब यान के सभी मीटर भी नॉर्मल हो गए हैं इसका मतलब यह है कि अब ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण बल कम होने लगा है... हम अपनी मंज़िल के बिल्कुल करीब हैं दोस्तों ", ग्रुप कैप्टन विक्टर ने सभी एस्ट्रोनॉट्स टीम मेंबर्स से कहा। 

"मैं कंट्रोल संभालने के लिए बिलकुल तैयार हूँ... यान की गति भी अब नॉर्मल पड़ने लगी है... बस कुछ ही देर बाद हम एक भव्य नज़ारा देखेंगे, तो तैयार रहो दोस्तों ", ग्रुप कैप्टन आर्यन सिन्हा ने बाकि के टीम मेंबर्स से कहा। 

"बिलकुल सही कहा कैप्टन... हम सब ही कुदरत के उसी नज़ारे को देखने के लिए यहां तक आए हैं, ऐसा हैरतअंगेज नज़ारा भला हमेशा देखने को थोड़े ही मिलता है ", थॉमस राइली ने ग्रुप कैप्टन आर्यन सिन्हा से सहमत होते हुए कहा। 

                       To be continued... 

               ©IVANMAXIMUSEDWIN 

                                    




फ़र्स्ट सिग्नल... 


" अन्दर का नज़ारा बेहद ही शानदार है... ये हमारे सूर्य से कितना बड़ा है," ग्रुप कैप्टन विक्टर एंटनोवॉविच ने कहा।

"वाकई ये बेहद शानदार, इसमें कोई दो राय नहीं है कैप्टन", रूसी वैज्ञानिक मिखाइल सेर्गीविच ने विक्टर से सहमत होते हुए कहा।

" अब जब हमने इसके अन्दर प्रवेश कर ही लिया है तो यहाँ से हमारा काम शुरू हो जाता है दोस्तों ... हम दो टीमों में बंट कर आगे बढ़ेंगे, मुख्य यान पर थॉमस रायली रुकेंगे और हमारे द्वारा भेजी गई जानकारियां हमारे साथी यान को भेजेंगे, इन्हें सैटेलाईट विज्ञान का भी अच्छा तजुर्बा है," ग्रुप कैप्टन आर्यन सिन्हा ने सभी को आदेश देते हुए कहा।

" ब्लैक होल अंदर तक असीम घुमावदार है, अब यहाँ से समय का खेल शुरू होगा... आप लोग अंदर जिस ग्रह या उपग्रह पर उतरेंगे उसका समय अलग - अलग होगा, एक बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी ग्रह पर ज़्यादा देर न रुकें... केवल जानकारियां इकट्ठा कर के तुरंत ही निकलें, वहाँ की गुत्थी सुलझाने में व्यस्त न हो, वर्ना हो सकता है कि मुझे यहाँ पर बुढ़ापे तक इंतजार करना पड़ेगा... इसलिए कृपया कर अपने इस साथी पर तरस खाएँ और जल्द ही लौटने की कोशिश करें ", थॉमस राइली ने मज़ाकिया अंदाज़ में अपने सभी एस्ट्रोनॉट्स साथियों से कहा, वे सभी थॉमस की बात सुनकर मुस्कुराने लगे।

" आप चिंता न करें थॉमस, हम सही समय पर लौट आएंगे और आगे की ओर बढ़ेंगे, " चीन के वैज्ञानिक ली जुंग फांग ने मुस्कुराते हुए थॉमस को दिलासा देते हुए कहा।

" तो ठीक है साथियों, अब हम दो टीमों में बट जाएंगे जिसमें मैं और ली जुंग फांग... उसी तरह से दूसरे टीम में कैप्टन आर्यन सिन्हा और मिखाइल सेर्गीविच होंगे, जानकारियां इकट्ठा कर के सही समय पर लौटें और अपने किसी भी साथी को पीछे न छोड़ें", ग्रुप कैप्टन विक्टर एंटनोवॉविच ने सभी टीम मेंबर्स को एक बार फिर से याद दिलाते हुए कहा।


" पता नहीं अंदर क्या चल रहा होगा... वो सभी इस वक़्त क्या कर रहे होंगे, आपकी क्या राय है ", ब्लैक होल के बाहर रुके यान पर कैप्टन रिचा शर्मा ने रज़िया खाँ से पूछा।

" जब तक वे सभी सैटेलाईट को ऑन करके सिग्नल नहीं भेजते हैं कुछ भी कहना मुश्किल है... हम बस पॉज़िटिव सोच सकते हैं लेकिन फिर भी हम इंसानों को चिन्ता लगी रहती है, हमें तो ये तक नहीं मालूम है कि वे सभी अन्दर तक पहुंचें भी हैं या नहीं... इसलिए लेट्स होप फॉर द बेस्ट", स्वीडन की सैटेलाईट विशेषज्ञ रज़िया खाँ ने कैप्टन रिचा शर्मा को दिलासा देते हुए कहा।

" आप बिल्कुल सही कह रहीं हैं रज़िया... इस समय हम सभी को उनकी चिन्ता सता रही, जब तक उनकी तरफ़ से कोई सिग्नल नहीं आता हमें इसी तरह से चिंता सताती रहेगी, " भारतीय वैज्ञानिक अनीता जार्ज ने रज़िया खाँ से सहमत होते हुए कहा।

"ब्लैक होल अन्दर से असीम घुमावदार होता है, उन्हें सिग्नल भेजने में काफ़ी वक़्त लगेगा, याद रहे कि हमारे समय और उनके समय में काफ़ी फ़र्क रहेगा, इसलिए हमें सब कुछ अच्छा होने उम्मीद करनी चाहिए... हमें अपने साथियों को कुछ वक़्त देना चाहिए", रज़िया खाँ ने अपने बाकि के टीम मेंबर्स से कहा। 

" मुझे तो लगता है कि सभी सही सलामत होंगे और अपनी आगे की योजना पर काम कर रहे होंगे", इंग्लैंड की तारकीय विशेषज्ञ कैथरीन ब्राउन ने कहा। 


" जब तक हमें अपने एस्ट्रोनॉट्स की तरफ़ से कोई सिग्नल नहीं मिल जाता कुछ भी कहना मुश्किल है, याद रहे वे सभी ऐसी जगह गए हैं जिसका वैज्ञानिक केवल अनुमान लगाते हैं लेकिन कभी कोई वहां तक गया नहीं है...तो अब हम सभी को उनके द्वारा भेजे जाने पहले सिग्नल का इंतजार है उसी के बाद ये फैसला होगा कि वे सभी सही सलामत ब्लैक होल की बाहरी कक्ष 'इवेंट हॉराइज़न' को पार कर के उसके अंदर प्रवेश करने में सफल हो पाएँ हैं... उससे पहले कुछ भी कहना मुश्किल है ", पृथ्वी पर भारतीय स्पेस सेंटर में हिमांशु चट्टोपाध्याय ने अपने सीनियर अधिकारी को रिपोर्ट देते हुए कहा। पृथ्वी पर भी सभी एस्ट्रोनॉट्स को लेकर चिंतित थे, उनकी तरफ़ से अब तक कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ था। 

" तुम बिल्कुल सही कह रहे हो... जब तक उनकी तरफ से कोई संदेश प्राप्त नहीं होता यह चिंता का ही विषय है लेकिन एक तरफ इस बात की खुशी है कि तुम्हारे द्वारा बनाया गया पोर्टल कामयाब निकला, पोर्टल द्वारा उनकी सफ़ल यात्रा ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया, मानव इतिहास में इससे ज़्यादा तेज़ सफ़र कभी नहीं किया गया होगा, बहुत से देशों ने इसकी बधाई दी है और मैंने तो सुना है कि कई देशों ने इसका इस्तेमाल करने के लिए निवेदन भी किया है... ब्रह्माण्ड में एक पोर्टल द्वार ही काफ़ी है दुनिया भर के यानों को विभिन्न क्षेत्रों में भेजने के लिए, आज कल यही चर्चा का विषय बना हुआ है ", हिमांशु के सीनियर ने उससे कहा, वह इस बात को लेकर काफ़ी ख़ुश थे। 

" क्यूँ नहीं आखिर पोर्टल द्वार का निर्माण तो मानवता के कल्याण के लिए किया गया है... अगर कोई देश इससे यात्रा करना चाहता है तो यह भारत देश के लिए गौरव की बात है, बस एक बार हमारे एस्ट्रोनॉट्स अपना मिशन सफलता पूर्वक पूरा करके वापस लौट आएं तो पोर्टल द्वार सभी देशों की सेवा के लिए खोल दिया जाएगा... इससे हमारे देश को आर्थिक लाभ भी मिलेगा और हम सभी भारतीय वैज्ञानिकों का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा ", हिमांशु चट्टोपाध्याय ने मुस्कुराते हुए अपने सीनियर को पोर्टल द्वार के इस्तेमाल की अनुमति देने के संबंध में कहा। यह बात बिल्कुल सही थी कि पोर्टल द्वार का निर्माण मानव इतिहास का एक अजूबा ही था, एक ऐसा अजूबा जिसकी कल्पना आज तक पृथ्वी का हर वैज्ञानिक केवल करता आया था लेकिन हिमांशु ने इसे सही साबित कर दिया था, जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा पर हिमांशु को अपने पोर्टल द्वार की सफलता की खुशी नहीं बल्कि अपने उन एस्ट्रोनॉट्स की चिंता ज़्यादा थी जो इस समय अपनी जान जोखिम में डाल कर ब्लैक होल नामक चक्रव्यूह के अंदर गए थे... और अब उनकी तरफ़ से कोई सूचना नहीं प्राप्त हुई थी। हिमांशु को इस बात की चिंता थी कि इस इवेंट हॉराइज़न मिशन का आगे क्या होगा अगर उनकी तरफ़ से कोई सिग्नल नहीं मिलता है। मानव इतिहास के इस पहले सिग्नल जिसे ब्लैक होल के अन्दर से भेजा जाना था उसका सभी को बेसब्री से इंतजार था फिर चाहे पृथ्वी हो या अंतरिक्ष। 

                     To be continued... 

               ©IVANMAXIMUSEDWIN 

                                        

Comments

  • What a story Sir , what a story, I wait for each and every part to be published . Let me tell you this is an extraordinary writing . No Indian writer has courage to attempt such topic. This is an extraordinary approach. I love such science fiction thrillers ❤️❤️

    Apr 20, 2021

  • superb sir...

    Apr 20, 2021

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