सफर जिंदगी का Read Count : 21

Category : Articles

Sub Category : Lifestyle
मैं मुसाफिर ही सही,
मुझे मुसाफिर ही रहने दो,
माना मेरी कोई पहचान नहीं मुझे अनजान ही रहने दो.....
जिंदगी अपनी शुरू हुई है तो खत्म भी होगी,
मेरी अपनी भी कुछ वजूद है,
भाई मेरे मुझे बरकरार रहने दो .....

✍🏻:- vivek meeta ganguly

Comments

  • ......

    Apr 14, 2021

Log Out?

Are you sure you want to log out?