राम वनगमन Read Count : 22

Category : Songs

Sub Category : R&B/Soul
कुछ समय बिता लो राम शाम अब होने वाली है ।
कर लो थोड़ा विश्राम शाम अब होने वाली है ।

ना जाने कहाँ से कब निकले , किस ओर तुम्हें है जाना ।
लक्ष्मी सा रूप लिए फिरती सीता पर तरस तो खाना ।
जंगल में जीव तमाम शाम अब होने वाली है ।
कुछ समय बिता लो राम शाम अब होने वाली है ।

क्यों पहने जोगिया बाना ऐसा कौन सा यहाँ खजाना ।
छोड़ मात पिता को आए क्यों जरा हमको भी बतलाना ।
संग में लक्ष्मण अभिराम शाम अब होने वाली है ।
कुछ समय बिता लो राम शाम अब होने वाली है ।

क्या कटु किसी ने बोला राजा दशरथ ने मुँह खोला ।
ना भरत ने तुमको रोका माता का दामन ना डोला ।
सब खड़े रहे सरेआम शाम अब होने वाली है ।
कुछ समय बिता लो राम शाम अब होने वाली है ।

जिसका होना था राजतिलक वो जंगल में क्यों आया ।
यह विधि का लेखा था या तुमने ही कोई स्वांग रचाया ।
लगता होगा अब संग्राम शाम अब होने वाली है ।
कुछ समय बिता लो राम शाम अब होने वाली है ।

कर लो थोड़ा विश्राम शाम अब होने वाली है ।
कुछ समय बिता लो राम शाम अब होने वाली है ।

✍ धीरेन्द्र पांचाल

Comments

  • 🙏🙏🙏

    Oct 29, 2020

  • Oct 29, 2020

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