सरहद Read Count : 12

Category : Poems

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  1. माँ तेरे खाने की खुशबू मुझे यहाँ तक आती हैं। मुझे हर माँ में बस तू नज़र आती हैं। सच कहूँ माँ मुझे अकेला ना न समझना सरहद मुझे तेरी तरह लोरी सुनाती हैं।।

Comments

  • 😲🥺

    Oct 15, 2020

  • Oct 15, 2020

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