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        अन्याय

Injustice
The law to establish similarity ,is not racist to stretch. 
These are the ground for thy right my is 
Then thou who the truth given? 
Supercilious seed broker 
The Constitution of the free shaft. 
On rugs here in the skins been is sitting. 
Religion in the guise of how the Caribbean is sitting.
Divide and rule it their is
They made the teen the law is outraged. 
These lust, the priest of balance, the father is
Daughters where the safe is , these chicks at is. 
Even after death these dead bodies to scrape  and eat. 
Vulture of the analogies it for less,abuses daily for the big beast. 
Of these, how where the rest is , these freaks have
They liven up the threat ,now people have realized that. 
Police operations afloat which country
Police in the disguise of Sadie ,fear carp's surroundings. 
What sinful name, describe openly roaming are
Their father on the chair is so these bull roaming visualized is . 
Say then to these Sanger, Chinmaya, Nitya, Aasa, Ramrahim  are. 
Them too big the criminal regime of the enthroned ranging morphine are . 

The name CIA may also be, married or are unmarried Bairaagee

Basically the culprit is disguise the inside of the Yogee, Bhogee, Zansaraam Tyagee. 

Then the Justice expected from whom, how and where to
Without what already, bin arms poor rotor undead?

 अन्याय
कानून समानता स्थापित करने के लिए होता है, ना कि जातिवाद फैलाने के लिए।
ये जमीन तेरी है ना मेरी है
फिर तुझे किसने हक़ दिया?
नफ़रत का बीज बोकर
संविधान की उड़ायी धज्जियाँ।
आसनों पर शेरकी खाल में भेडियें बैठे है।
धर्म की आड़ में इन्सानियत के लुटेरे बैठे है।
डिव्हाईड़ ऐंड रूल इनका हतियार है
इनका बनाया हुवा कानून अत्याचार है।
ये हवस के पुजारी बलात्कारीयोंके बाप है
बेटियां कहाँ सुरक्षित है , ये सारे साप है। 

मरने के बाद भी ये मृत शरीर को नोच खाते है
गिद्ध की उपमा इनके लिए कम,गालियाँ रोज़ खाते है।
इनमें इन्सानियत कहाँ बाकी है , ये शैतान हो चुके है
इनका जिंदा रहना खतरा है ,अब  लोग जान चुके है।
पुलिस अपराधीयो को बचाए वह कौनसा देश है
पुलिस के भेस में भेडिये ,भय से काप रहा परिवेश है ।
किस किस पापी का नाम बताऊं खुले आम घूम रहे है
इनके बाप कुर्सी पर है इसलिए ये सांड़ घूम रहै है ।
कहने को तो ये सेंगर, चिन्मया, नित्या, आसा, रामरहीम है
इनसे भी बड़े अपराधी शासन के तख्तपर विराजमान लेकर अफ़ीम है ।।

नाम किसिका भी हो सकता है, वह शादीशुदा हो या बैरागी

असल अपराधी है भेस के अंदर योगी, भोगी, झांसाराम त्यागी । 

फिर न्याय की उम्मीद किससे,  कैसे और कहाँ करे
क्या बिना लढ़ेही,  बिन शस्त्र गरीब घुटघुटकर मरे?

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