मै राही हूँ प्यार के % Read Count : 8

Category : Poems

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मै राही हूँ प्यारके पथ का बस मै चलते ही जाऊँ
सिने में लिए प्यार ,अंधेरों में यार मै जलते ही जाऊँ । 
जरुरत नही मुझे उस चांद तारों की 
जरुरत नहीं है मुझे औरों के इशारों की 
मंजिल पानी है मुझे अद्भूत बहारों की
जरुरत है मुझे बस रंगीन नजारों की 
मिलेगी हसीं मंजिल , मै दिल-दिल जगाते जाऊँ। 
बंजारों की भांति मैं गाते जाऊँ
प्यार अपना मै बरसाते जाऊँ
अपना गीत मै सुनाते जाऊँ
रोतें हुवोंको मै हसाते जाऊँ
इतना प्यार दू कि मै किसे हसते हसते रुलाऊं     । 
अंधेरे दूर नही होते किसी शम्मा के बीन
शम्मा दिलमें हो तो लगे सबकुछ हसीन
कुछ नही जीवन यहाँ प्यार के बीन
प्रेम अगर दिल में हो तो जीवन है रंगीन
प्यार का प्यासा हू ,प्यासोंको प्यार दू प्रेमगीत मै गाते जाऊँ । 

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