तुम क्यूँ चले नही आत%2 Read Count : 11

Category : Poems

Sub Category : N/A
दीवानी शाम जो आये .जुबां पर नाम वो आये 
दीवानी शाम जो आये  , जुबां पर नाम वो आये 

ढले जब धूप यह सारी , शमा रंगीन नजर आये 
धड़कनों में बजे धुन कोई प्यारी  , मेरे जब सामने वो आये 

दीवानी शाम जो आये .जुबां पर नाम वो आये 
दीवानी शाम जो आये  , जुबां पर नाम वो आये 

तेरी आँखो के दरिया में , मन मेरा डूबना चाहे 
बनो तुम लहर कोई प्यारी , दिल मेरा  संग यह  तैरना चाहे 

तुम्हारी उफ़ यह अंगड़ाई , मुझे कंही ना मार ये जाए 
गालों पर तेरे यह लाली , मेरा ना कत्ल कर जाए 
होंटों पर तेरे बस हों मेरी ही बाते 
होंटों पर तेरे बस हों मेरी ही बाते 

तुझे हर रोज़ में देखूँ , मगर तुम क्यूँ चले नही आते 
तुझे हर रोज़ में देखूँ , मगर तुम क्यूँ चले नही आते 

इशारे भी अब तो तेरे , करते मेरी सिर्फ मेरी ही बाते 
बिखर जाऊँ  जो ना  देखूँ , मचल जाते यह तराने 
तड़प उठे हर एक धड़कन , यह बाते बस मेरी मेरा दिल ही जाने 

दीवानी शाम जो आये .जुबां पर नाम वो आये 
दीवानी शाम जो आये  , जुबां पर नाम वो आये 

होंटों पर तेरे बस हों मेरी ही बाते 
होंटों पर तेरे बस हों मेरी ही बाते 

तुझे हर रोज़ में देखूँ , मगर तुम क्यूँ चले नही आते 
तुझे हर रोज़ में देखूँ , मगर तुम क्यूँ चले नही आते 

Comments

  • No Comments
Log Out?

Are you sure you want to log out?