माँ Read Count : 40

Category : Diary/Journal

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ज़िन्दगी की धूप बहुत तेज़ होने लगी है,

तेरी ममता का आँचल बहुत याद आता है,

इन आंसूओं के सैलाब मैं कहीं डूब ही ना जाऊँ मैं,

ऐ माँ, तेर बिना ये दर्द अब सहा नही जाता है

Comments

  • बहुत खूब मीना

    Jul 07, 2019

  • Sihanna Carter

    Sihanna Carter

    i could not understand one little bit of the text

    Nov 02, 2019

  • Rishita Bhavari

    Rishita Bhavari

    mast hai👌👌

    May 17, 2020

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