
इश्क़
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Category : Poems
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की मेरी जिंदगी का क्या, अगर तू पास ना हो तुझे मनाने का क्या मतलब अगर तू उदास ना हो तू कहती है ओर ढूंढ़लो, मैं तो गाँव की लड़की हूँ मैं तुझसे क्यों बोलता अगर तुझमे कुछ खास ना हो सब जानते हैं कभी बादल धरती से मिल नही सकता फिर भी बादल क्यों देखता है, अगर आस ना हो जिंदगी का हिस्सा है इश्क़ , इसे सब करते रहिए वो जवानी ही क्या, जो इश्क़ में नास ना हो सारी जवानी जी, 'संदीप' औरों के इश्क़ के साथ कैसा लगता है जब पहला इश्क़ आस पास ना हो.. संदीप